
हाथरस 16 सितम्बर। कलेक्ट्रेट सभागार में उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न रोजगारपरक ऋण योजनाओं के तहत लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराए जाने की प्रगति की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित ने की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और बैंक प्रबंधकों को लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत ऋण वितरण के लिए बैंकों के स्तर पर लंबित प्रकरणों की बैंकवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को निर्धारित समय-सीमा में ऋण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे स्वरोजगार स्थापित कर आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें। सीडीओ ने सभी जिला समन्वयकों को निर्देशित किया कि लंबित आवेदन पत्रों तथा बैंक शाखाओं की ओर से अपेक्षित सहयोग न मिलने के कारण जनपद की ऋण योजनाओं में प्रदेश स्तर पर स्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि 25 सितंबर 2026 तक प्रत्येक बैंक शाखा में लंबित सभी ऋण पत्रावलियों पर ऋण वितरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों के ऋण आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार्य नहीं होगा। प्रकरणों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारी अथवा बैंक की जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक सहित कुछ बैंकों में ऋण वितरण के लिए अधिक संख्या में प्रकरण लंबित पाए गए। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित बैंक अधिकारियों को लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण करने और पात्र लाभार्थियों को शीघ्र ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सीडीओ ने कहा कि शासन की रोजगारपरक योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को बैंकों के साथ नियमित समन्वय स्थापित करने, लंबित प्रकरणों की लगातार निगरानी करने और योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिला सूचना अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, एलडीएम, संबंधित बैंकों के बैंक प्रबंधक तथा अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।








