हाथरस 16 सितम्बर। दिगंबर जैन समाज के प्रमुख धार्मिक पर्व पर्युषण पर्व का शुभारंभ श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के साथ हुआ। पर्व के प्रथम दिन नगर के सभी जैन मंदिरों में नित्य नियम पूजा-अर्चना के साथ अभिषेक, शांतिधारा, सामूहिक पूजन, दशलक्षण महामंडल विधान एवं सामूहिक आरती का आयोजन किया गया। धार्मिक आयोजनों में सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वहीं, रात्रि के समय विभिन्न मंदिरों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिताओं और शास्त्र सभा का आयोजन किया गया। हलवाई खाना स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में विशाल जैन वेदी द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना, अभिषेक, शांतिधारा एवं दशलक्षण महामंडल विधान कराया गया। यहां प्रातः करीब छह बजे से शुरू हुआ धार्मिक कार्यक्रम 11 बजे तक चला।
नयागंज स्थित ठाकुर नेमीनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मथुरा चौरासी जैन मंदिर से आए विवेक जैन शास्त्री द्वारा विधि-विधान से पूजन कराया गया। शांतिधारा की बोली जैन ज्वैलर्स के संचालक छीतरमल जैन, सुधीर जैन एवं संदीप जैन ने ली। दूसरी शांतिधारा की बोली अनिल जैन गुड्डू, अमित जैन एवं पंकज जैन ने ली। वहीं आरती की बोली पारस जैन की माता सुनीता जैन ने ली। श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, नयाबांस अतिशय क्षेत्र में पूजन का आयोजन हिमांशु जैन ने कराया। प्रथम अभिषेक की बोली मंदिर के संरक्षक मुकेश जैन ने, जबकि शांतिधारा की बोली दीपक जैन ने ली। दूसरी शांतिधारा की बोली श्री जैन नवयुवक सभा के अध्यक्ष उमाशंकर जैन एवं पुलकित जैन ने ली। इस दौरान श्री जैन नवयुवक सभा अध्यक्ष उमाशंकर जैन, राकेश जैन, गुड्डू जैन, कमलेश जैन लाल वाले, उमेश चंद्र जैन, संजीव जैन अमीन, अनूप जैन, कैलाश चंद जैन, सुमत कुमार जैन, सुभाष चंद्र जैन, संजीव जैन भूरा, कपिल जैन चूरन वाले, सतेंद्र जैन, यतीश जैन, नमन जैन, सौरभ जैन रानू, जितेंद्र जैन, जिनेन्द्र जैन सिंपल, विजय जैन, निखिल जैन, विवेक जैन, श्वेतांक जैन, राज कुमार जैन लोहिया, बिंटू जैन, इंजीनियर पीके मोनू जैन, गगन जैन, धर्मेंद्र जैन, संजीव जैन सूत वाले, अतुल जैन वसुंधरा, अनूप जैन सूत वाले, अखिलेश जैन मनीष, रतन जैन, सभासद प्रतिनिधि धीरज जैन, तन्नू जैन, पारस जैन, ऋषभ जैन, धीरज जैन रिंक, संजीव जैन लुहाड़िया, अमित जैन लुहाड़िया सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहे और श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान के समक्ष सुख-शांति एवं कल्याण की कामना की।








