
हाथरस 13 सितम्बर। हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जोगीपुरा में रविवार शाम करीब छह बजे जेसीबी की चपेट में आने से 10 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। मृतका नैना कक्षा दो की छात्रा थी। हादसे के बाद परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। बताया गया कि नैना के पिता बबलू पशुपालन और खेती-बाड़ी का काम करते हैं। उनकी पत्नी अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं और बबलू भी पत्नी के साथ अलीगढ़ में थे। रविवार दोपहर परिवार की एक गाय की मौत हो गई थी। परिवार के अन्य सदस्यों ने इसकी जानकारी नगर पालिका के एक सभासद को दी। परिजनों के अनुसार सभासद के कहने पर गाय को दफनाने के लिए नगर पालिका की जेसीबी मौके पर पहुंची थी। परिवार का दावा है कि जेसीबी चालक ने इस काम के लिए पैसे भी लिए थे।
परिजनों के अनुसार गाय को दफनाने के बाद जेसीबी चालक मशीन लेकर वापस लौट रहा था। इसी दौरान पास में खड़ी नैना जेसीबी के अगले हिस्से की चपेट में आ गई। हादसे में बच्ची गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर तड़पने लगी। आसपास मौजूद लोगों ने जेसीबी और चालक को पकड़ लिया तथा बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची के चाचा ने आरोप लगाया कि जेसीबी चालक और उसके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति शराब के नशे में थे और बिना ध्यान दिए ही जेसीबी आगे बढ़ा दी, जिसकी चपेट में बच्ची आ गई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की। इस पर परिवार के कुछ लोगों ने विरोध करते हुए कहा कि जब तक बच्ची के पिता बबलू अलीगढ़ से नहीं आ जाते, तब तक पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में हाथरस गेट कोतवाली निरीक्षक ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।





