
हाथरस 13 सितम्बर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) महौ में तैनात एक कर्मचारी से जुड़ी कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग फेसबुक पर तेजी से वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। वायरल ऑडियो में कथित तौर पर एक कर्मचारी झोलाछाप को एफआईआर का डर दिखाते हुए सीएचसी प्रभारी से मिलने के लिए दबाव बना रहा है। वहीं, बातचीत के दौरान झोलाछाप द्वारा पिछले महीने सीएचसी प्रभारी से मिलने और सात हजार रुपये देने की बात कहे जाने का दावा किया जा रहा है। ऑडियो सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर मामले को गंभीरता से लिया गया है। बताया गया है कि वायरल ऑडियो क्लिप में दोनों के बीच कहासुनी भी सुनाई दे रही है। ऑडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक होने के बाद स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और छवि को लेकर सवाल उठने लगे। मामले का संज्ञान लेते हुए सीएमओ डॉ. वेदप्रकाश ने सीएचसी प्रभारी डॉ. साहब सिंह से स्पष्टीकरण तलब किया था।
विभागीय जानकारी के अनुसार, सीएचसी प्रभारी ने अपना स्पष्टीकरण अधिकारियों को दे दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वायरल ऑडियो में उनकी आवाज नहीं है और उन्होंने किसी व्यक्ति को इस तरह की कोई धमकी नहीं दी है। उनका कहना है कि उन्हें वायरल ऑडियो के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि फेसबुक पर उनसे संबंधित पोस्ट डालकर उनकी छवि खराब करने और अनैतिक दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों को भी अवगत करा दिया है। वहीं, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की ओर से भी अपना जवाब दाखिल किया गया है।
तकनीकी जांच के बाद साफ होगी स्थिति
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब वायरल ऑडियो की तकनीकी और प्रशासनिक जांच कराने की तैयारी है। ऑडियो को फॉरेंसिक एवं तकनीकी जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रिकॉर्डिंग में आवाज किसकी है और उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं की गई है। मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच समिति गठित किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार चिकित्सक और कर्मचारी दोनों की ओर से जवाब दाखिल कर दिए गए हैं तथा उच्च अधिकारियों को पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया गया है। उच्च अधिकारियों के निर्देश प्राप्त होने के बाद जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।





