
हाथरस 13 सितम्बर। जैन समाज के महापर्व पर्युषण पर्व के षष्ठ दिन लोहिया धर्मशाला, डिब्बा गली स्थित जैन स्थानक में ‘जप दिवस’ मनाया गया। इस अवसर पर दिल्ली से आए स्वाध्याय बंधु महेंद्र जैन एवं सुलेख जैन ने धर्म चर्चा करते हुए श्रद्धालुओं को जप और प्रभु स्मरण के महत्व के बारे में बताया। स्वाध्याय बंधुओं ने कहा कि प्रभु का नाम-स्मरण और मंत्र-जप मन को एकाग्र तथा आत्मा को निर्मल बनाने का सशक्त माध्यम है। शांत चित्त होकर नवकार महामंत्र आदि का श्रद्धापूर्वक जप करने से मन के अशांत विचार, चिंताएं और नकारात्मक भाव शांत होते हैं। उन्होंने कहा कि जप केवल होठों से शब्दों को दोहराना नहीं, बल्कि मंत्र के भावों को अपने हृदय में उतारना है। निरंतर जप करने से अंतःकरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आत्मबल बढ़ता है। उन्होंने कहा कि सांसारिक कोलाहल से दूर रहकर कुछ समय प्रभु स्मरण में लीन होना आत्मा को कर्म बंधनों से मुक्त करने की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि पर्युषण पर्व के इस पुनीत अवसर पर प्रत्येक व्यक्ति अपने दैनिक कार्यों से समय निकालकर कम से कम एक माला नवकार महामंत्र अथवा आत्मशांति प्रदायक मंत्र का मौन एवं एकाग्रचित्त होकर जप अवश्य करे। इससे जीवन में समता, शांति और आध्यात्मिक चेतना का विकास होगा। इस अवसर पर लोहिया धर्मशाला के प्रबंधक मंत्री सुरेश चंद्र जैन, संजीव जैन भूरा, प्रदेश महामंत्री दिगंबर जैन मंदिर सुनील वर्मा, अध्यक्ष मनोज जैन, अतुल कुमार जैन एडवोकेट, सलिल जैन, विजय जैन, मयंक जैन, अनिल कुमार जैन, राज कुमार बठिया, कोषाध्यक्ष अरुण जैन, मनु जैन, सोनू जैन, बलवीर जैन, मंजू जैन, पूजा जैन, रेनू जैन, पूनम जैन, लीना जैन सहित बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं एवं बच्चे मौजूद रहे।










