
नई दिल्ली 12 सितम्बर। वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के साथ तीन चरणों की वार्ता विफल रहने के बाद बैंकिंग क्षेत्र की सभी 9 यूनियनों के संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर 11 सितंबर को बैंक कर्मचारियों ने निर्धारित हड़ताल की। बैंक कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए सरकार से लंबित मुद्दों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। दिल्ली-NCR में हड़ताल और प्रदर्शन की अगुवाई भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी एसोसिएशन (SBIOA) दिल्ली सर्किल ने की। संगठन के महासचिव श्री जतिंदर पल सिंह सेठी और अध्यक्ष श्री गौरव मेहरोत्रा के नेतृत्व में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शन में भाग लिया। दिल्ली में BRICS सम्मेलन के चलते प्रदर्शन का आयोजन नोएडा में किया गया, जहां विभिन्न बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। SBIOA दिल्ली सर्किल के महासचिव श्री जतिंदर पल सिंह सेठी और अध्यक्ष श्री गौरव मेहरोत्रा ने बताया कि UFBU की ओर से 24 और 25 मार्च 2025 को प्रस्तावित हड़ताल को सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के आश्वासन के बाद स्थगित किया गया था। हालांकि, मांगों पर अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण 27 जनवरी 2026 को दोबारा हड़ताल का सहारा लेना पड़ा। इसके बावजूद कई मुद्दों पर ठोस समाधान नहीं निकलने पर 11 सितंबर की हड़ताल का निर्णय लिया गया। बैंकिंग यूनियनों की ओर से कर्मचारियों के कार्य-जीवन संतुलन से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जा रहा है। इनमें ‘राइट टू डिस्कनेक्ट’ यानी निर्धारित कार्य समय के बाद कर्मचारियों को कार्य संबंधी दबाव से मुक्त रखने जैसे मुद्दे शामिल हैं। यूनियनों का कहना है कि बैंक कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार को देखते हुए कार्य-जीवन संतुलन सुनिश्चित करना जरूरी है।
पांच-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग
प्रदर्शन के दौरान पांच-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। SBIOA दिल्ली सर्किल के अध्यक्ष श्री गौरव मेहरोत्रा ने कहा कि वर्ष 2015 में दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश की व्यवस्था लागू होने के बाद से ही पांच-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग लगातार उठाई जा रही है। UFBU और उससे संबद्ध बैंकिंग यूनियनों का कहना है कि पांच-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू होने पर प्रतिदिन कार्य अवधि में लगभग 40 मिनट की वृद्धि करके साप्ताहिक कार्य समय को संतुलित किया जा सकता है। यूनियनों के अनुसार इससे कर्मचारियों को अतिरिक्त साप्ताहिक अवकाश मिलेगा, जबकि बैंकिंग कार्य की निर्धारित अवधि को भी संतुलित रखा जा सकेगा। बैंक यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार पांच-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था से संबंधित प्रस्ताव IBA की ओर से सरकार को भेजा जा चुका है। अब इस प्रस्ताव पर सरकार की अंतिम स्वीकृति का इंतजार है। यूनियनों ने सरकार से मांग की कि लंबित प्रस्ताव पर जल्द निर्णय लिया जाए और बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों का समाधान किया जाए।







