हाथरस 10 सितंबर। जेटी आर आई लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश विनय कुमार की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय, हाथरस में न्यायिक अधिकारियों के सतत सीखने के लिए सकारात्मक वातावरण निर्मित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण विधिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के मुख्य सत्र में सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग)/त्वरित न्यायालय ईशा अग्रवाल ने जनपद के समस्त न्यायिक अधिकारियों को माननीय उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा हाल ही में जारी नवीनतम आदेशों, महत्वपूर्ण निर्णयों एवं कानूनी सिद्धांतों की विस्तार से जानकारी दी।
कार्यशाला में नवीनतम न्यायिक नजीरों के प्रभावी क्रियान्वयन, त्वरित एवं सुलभ न्याय, लंबित मुकदमों के समयबद्ध निस्तारण तथा अद्यतन न्यायिक प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही नई विधिक तकनीकों, डिजिटल साक्ष्यों के प्रबंधन एवं ई-कोर्ट प्रणाली को बेहतर ढंग से समझने पर जोर दिया गया। जनपद न्यायाधीश विनय कुमार ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि कानून एक गतिशील विषय है और न्याय की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रत्येक न्यायिक अधिकारी का नवीनतम न्यायिक निर्णयों से अपडेट रहना आवश्यक है। कार्यशाला में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय विजय डूंगराकोटि, नोडल अधिकारी प्रशान्त कुमार, जनपद न्यायालय के समस्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, न्यायिक मजिस्ट्रेट तथा अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
विशेष लोक अदालत में 24 वादों का निस्तारण
उच्च न्यायालय इलाहाबाद एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश विनय कुमार के आदेश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायालय हाथरस में 09 से 11 सितंबर तक लघु आपराधिक वादों की तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत आयोजित की जा रही है। वहीं 10 से 12 सितंबर तक एन.आई. एक्ट एवं कन्टेंशियस वादों की तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत भी आयोजित की जा रही है। 10 सितंबर को आयोजित विशेष लोक अदालत में कुल 24 वादों का निस्तारण किया गया। निस्तारित वादों में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपकनाथ सरस्वती के न्यायालय से 15 लघु आपराधिक वाद, सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/त्वरित न्यायालय ईशा अग्रवाल के न्यायालय से 1 वाद, सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/त्वरित न्यायालय अर्जित सिंह के न्यायालय से 1 वाद, न्यायिक मजिस्ट्रेट सिकन्द्राराऊ दीपा सैनी के न्यायालय से 3 वाद, सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/त्वरित न्यायालय रोबिन सिंह के न्यायालय से 2 वाद तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट सादाबाद नेपाल सिंह के न्यायालय से 2 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण किया गया। इस अवसर पर अपर जनपद न्यायाधीश, नोडल अधिकारी लोक अदालत प्रशान्त कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव जयहिन्द कुमार सिंह, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण एवं वादकारी मौजूद रहे।
12 सितंबर को होगी राष्ट्रीय लोक अदालत
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी ने बताया कि जनपद हाथरस में 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें शमनीय वाद, दीवानी एवं राजस्व वाद, मोटर वाहन दुर्घटना वाद, पारिवारिक वाद, बैंक वसूली, धारा 138 एनआई एक्ट, विद्युत चोरी वाद, नगर निगम वाद, वाटर टैक्स, जलकर, स्थायी लोक अदालत तथा जिला उपभोक्ता आयोग से संबंधित मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया जाएगा।
उन्होंने आमजन से अपील की कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाते हुए अपने मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराएं। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में निस्तारित मामलों की अपील नहीं होती, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है। लोक अदालत में सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित सिविल मामलों में कोर्ट फीस भी वापस किए जाने का प्रावधान है।





