
हाथरस 10 सितंबर । 17 सितंबर यानी बल्देव छठ से शुरू होने वाले ब्रजक्षेत्र के प्रसिद्ध एवं जनमानस की आस्था के प्रतीक 115वें तृतीय प्रांतीय लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज के भव्य आयोजन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कलेक्ट्रेट सभागार में मेला संयोजकों एवं समन्वयकों के साथ बैठक कर कार्यक्रमों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने कहा कि श्री दाऊजी महाराज मेले का शुभारंभ गणेश चतुर्थी के अवसर पर विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना के साथ होगा, जबकि बल्देव छठ से मेले का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मेला हाथरस की आस्था, परंपरा और गौरव से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। इसकी प्रतिष्ठा केवल भव्यता से नहीं, बल्कि अनुशासन, बेहतर व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं के अनुभव से निर्धारित होती है।
कार्यक्रमों की जानकारी पहले देनी होगी
डीएम ने मेला संयोजकों से सभी कार्यक्रमों की समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा, ताकि संबंधित क्षेत्रों में पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जा सकें। आयोजकों को आमंत्रित किए जाने वाले कलाकारों, पहलवानों और विशिष्ट अतिथियों की जानकारी के साथ कार्यक्रम का समय, अनुमानित भीड़ और आवश्यक व्यवस्थाओं की सूचना पूर्व में मेला प्रशासन एवं पुलिस को देनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कार्यक्रम में अनुशासनहीनता अथवा सुरक्षा व्यवस्था से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। दंगल आयोजनों में अव्यवस्था, विवाद अथवा अमर्यादित व्यवहार की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
अश्लील गीत और राजनीतिक प्रचार पर रोक
जिलाधिकारी ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अश्लील अथवा आपत्तिजनक गीतों तथा राजनीतिक प्रचार से पूरी तरह परहेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंच कलाकारों की प्रस्तुति के लिए है और अनावश्यक स्वागत-सम्मान में कार्यक्रम का समय बर्बाद नहीं होना चाहिए।
उन्होंने आयोजकों से कलाकारों को निर्धारित समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचाने और दर्शकों के समय का सम्मान करने की अपील की। साथ ही कहा कि मेला संयोजक स्वयं को केवल आयोजक न समझें, बल्कि मेले की प्रतिष्ठा के कस्टोडियन के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। डीएम ने प्रशासन द्वारा लगाए गए बैरिकेड एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं से छेड़छाड़ न करने तथा अतिरिक्त पुलिस बल, चेंजिंग रूम अथवा अन्य सुविधाओं की आवश्यकता होने पर कम से कम एक दिन पूर्व सूचना देने को कहा।
श्रद्धालुओं के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं
जिलाधिकारी ने बताया कि पूर्व में प्राप्त सुझावों के आधार पर इस वर्ष मेला क्षेत्र में कई व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है। मीना बाजार के निकास मार्ग को सुगम बनाया गया है। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जूता-चप्पल रखने, शेड एवं टोकन की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने पेयजल समेत छोटी-छोटी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कार्यक्रम स्थलों पर दर्शकों की सुविधा और कलाकारों के बेहतर अनुभव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।
1000 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कहा कि श्री दाऊजी महाराज मेला जनपद की आस्था, संस्कृति, परंपरा और गौरव से जुड़ा धार्मिक महोत्सव है। मेले की सफलता के लिए प्रशासन, पुलिस और मेला संयोजकों को आपसी समन्वय, सहयोग और टीम भावना के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने संयोजकों से अपने स्तर पर पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की व्यवस्था करने की अपील की, ताकि श्रद्धालुओं की सहायता और छोटी-मोटी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सके। एसपी ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ नारी सम्मान का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे गीत, कार्यक्रम या आयोजन न किए जाएं जो मेले की गरिमा अथवा महिलाओं के सम्मान के विपरीत हों। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने बताया कि मेले की सुरक्षा के लिए करीब 1,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है, जिसमें लगभग 300 महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं। भीड़ बढ़ने के साथ पुलिस बल और चौकियों की संख्या आवश्यकता के अनुसार बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि मेले से पहले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और आमजन के साथ बेहतर एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस 24×7 मेला संयोजकों एवं श्रद्धालुओं की सहायता के लिए तत्पर रहेगी।
120 एआई कैमरों से होगी निगरानी
अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) प्रशांत तिवारी ने मेले की तैयारियों और कार्यक्रमों की रूपरेखा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मेला क्षेत्र में 120 एआई कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की निगरानी तीन एलईडी स्क्रीन के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने बताया कि इन एआई कैमरों के माध्यम से लोगों की गतिविधियों के साथ-साथ उनके बीच होने वाली बातचीत को भी सुना जा सकता है। श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए पेयजल की व्यवस्था के तहत मेले के 14 प्रमुख स्थलों पर वाटर कूलर लगाए जाएंगे।
9 जोन और 9 सेक्टर में बांटा गया मेला क्षेत्र
अपर पुलिस अधीक्षक रामानंद कुशवाहा ने कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की जानकारी देते हुए रूट डायवर्जन समेत आवश्यक व्यवस्थाओं पर सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों के दौरान अश्लीलता अथवा निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि में साउंड सिस्टम का प्रयोग पाए जाने पर संबंधित संयोजक की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने पर्याप्त संख्या में वॉलिंटियर तैनात करने की अपील की। उन्होंने बताया कि संपूर्ण मेला क्षेत्र को 9 जोन और 9 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं की प्रभावी निगरानी की जाएगी। बैठक में जिला विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, मेला संयोजक एवं समन्वयक सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।






