
हाथरस 08 सितम्बर। रुई की मंडी स्थित कन्हैया जी मंदिर परिसर में आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों और कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से काव्य रस की ऐसी वर्षा की कि देर तक श्रोता तालियां बजाने और ठहाके लगाने को मजबूर रहे। दाऊजी मेला के 10 कार्यक्रमों के संयोजकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। कवि सम्मेलन का शुभारंभ कवि सम्मेलन अध्यक्ष एवं प्रवचक कवि धर्म सम्मेलन संयोजक डॉ. पंडित गणेश चंद्र वशिष्ठ, मुख्य अतिथि एवं गंगा-जमुनी मुशायरा संयोजक, ब्रज कला केंद्र के अध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य तथा व्यापारी सम्मेलन संयोजक सुरेश अग्रवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कवयित्री सम्मेलन की संयोजिका मीरा दीक्षित ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर शुरुआत से ही वातावरण को भक्तिमय और काव्यमय बना दिया। इसके बाद सोनाली वार्ष्णेय ने अपनी इंटेलिजेंट कविता से श्रोताओं को आनंदित किया। ‘मेरी माटी मेरा देश’ की संयोजक कवयित्री रूपम कुशवाह ने अपनी गजल प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। वहीं ‘एक शाम शहीदों के नाम’ के युवा संयोजक नैतिक दीक्षित ने देशविरोधी ताकतों को ललकारती रचना प्रस्तुत कर राष्ट्रभक्ति का भाव जगाया। वरिष्ठ कवि एवं ब्रज मंडलीय कवि सम्मेलन के संयोजक श्याम बाबू चिंतन ने व्यक्ति के कर्तव्यों पर आधारित रचना प्रस्तुत की।
कवि सम्मेलन के संयोजक आशु कवि अनिल बौहरे ने श्रोताओं से तीन शब्द लेकर उन्हें अपनी कविता में पिरोया और अपनी प्रस्तुति से अमीर खुसरो की याद ताजा कर दी। सुकवि चांद हुसैन ‘चांद’ ने बुढ़ापे की स्थिति पर हास्यपूर्ण अंदाज में कविता प्रस्तुत करते हुए कहा कि अब न हम बिस्तर से उठते हैं और न बिस्तर हमसे उठता है। पूरन सागर ने शराब पीने वालों की दुर्दशा पर व्यंग्य करते हुए श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। हास्य कवि पंडित हाथरसी ने पति की स्थिति पर हास्य कविता सुनाकर जमकर ठहाके लगवाए। वहीं गाफिल स्वामी ने मां के चरणों में समर्पित भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान ‘हाथरस का इतिहास’ की संयोजक मनु दीक्षित ने मंच व्यवस्था संभाली, जबकि डॉ. सुनीता उपाध्याय निर्देशन की भूमिका में रहीं। कवि सम्मेलन का संचालन हिंदी प्रोत्साहन कार्यक्रम संयोजक सुकवि देवेंद्र दीक्षित ‘शूल’ ने किया। सम्मान कार्यक्रम का संचालन मंदिर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राजकुमार कोठीवाल ने किया। अंत में जीवन लाल शर्मा ने सभी अतिथियों, कवियों, कवयित्रियों एवं उपस्थित श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पप्पन पहलवान, कृष्णा पहलवान, विजय सिंह प्रेमी, अल्लो लाला, मुकेश शर्मा, देवेश कौशिक, सुनील दीक्षित सहित मंदिर के पुजारी चेतन मिश्र एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।











