सादाबाद (सहपऊ) 06 सितम्बर। शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार रात कस्बे में एसबीआई बैंक के पास नानक चंद्र वर्मा के प्रांगण में आरडी काव्यकुल संस्था के सौजन्य से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश के विभिन्न शहरों से आए 50 से अधिक कवि एवं कवयित्रियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को देर रात तक मंत्रमुग्ध किए रखा। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता आगरा से पधारे अंतरराष्ट्रीय भौतिक शास्त्री एवं कवि प्रोफेसर शिवराज भारद्वाज ने की। कार्यक्रम में आगरा, मथुरा, बरेली, मेरठ, बुलंदशहर, लखनऊ, झांसी सहित विभिन्न शहरों से प्रसिद्ध कवि और कवयित्रियों ने सहभागिता की। मंच पर दिबियापुर, औरैया से आए प्रमोद तिवारी ने अपनी रचना के माध्यम से राजनीति पर कटाक्ष किया। बुलंदशहर के सौरभ सजन ने श्रृंगार रस की कविता प्रस्तुत की, जबकि मेरठ के हेमंत सक्सेना ने जोश और जुनून से जुड़ी रचना सुनाई। एटा के चंद्रेश जैन ने अपनी भावपूर्ण पंक्तियों से श्रोताओं को प्रभावित किया। आगरा से आए कवि एवं केएस इंटर कॉलेज महरारा के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. अनार सिंह अग्र ने अपनी रचना “बाहर भी तूफान घनेरा, अंदर भी तूफान है…” प्रस्तुत कर जमकर तालियां बटोरीं। आगरा की कवयित्री मोहिनी भटनागर ने वर्तमान भारत की तस्वीर को शब्दों में उकेरा। मथुरा की डॉ. कृष्णा शर्मा दामिनी ने शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचना प्रस्तुत की। गाजियाबाद से आए पं. मुलकराज आकाश ने युद्ध के बजाय शांति की पैरवी करते हुए अपनी रचना से संदेश दिया। डॉ. सरिता गर्ग ‘सरि’ ने प्रभावशाली काव्य पाठ किया। बागपत के कवि एवं गीतकार श्रीपाल शर्मा ‘ईदरीशपुरी’ ने आदमी के भीतर बढ़ती बेचैनी और सामाजिक परिस्थितियों पर आधारित रचना सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।
बरेली की युवा कवयित्री पूनम गंगवार बरेलवी ने भी अपनी रचना से श्रोताओं को भाव-विभोर किया। सम्मेलन का मंच संचालन ओजस्वी कवि नितिन दीक्षित ‘निडर’ ने किया। उनके साथ डॉ. हृदेश कुलश्रेष्ठ, प्रियांक बेनीवाल, डॉ. शैलेन्द्र मिश्र ‘देव’ और राहुल प्रजापती ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया। कवि सम्मेलन में अतुल कुमार शर्मा, श्रीकृष्ण भारद्वाज, विवेक रावत, डॉ. रंजीत शर्मा ‘रंग’, शिवानी स्वामी, राकेश शर्मा, डॉ. रानी कंचन लता, रेखा गौतम, आचार्य निर्मल जी, दिनेश पाल सिंह ‘दिव्य’, शांति राणा ‘शांति’, अजय भारती, वीरेंद्र वार्ष्णेय, वंदना तिवारी, अभय सिंह ‘अभय’, वीणा अब्राहम सिंह, डॉ. रामदेव शर्मा ‘राही’, डॉ. यशोयश, डॉ. रामेंद्र शर्मा ‘रवि’, संजय कुमार, डॉ. नेहा बागड़ी सहित अनेक कवियों ने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित कलमकारों को स्मृति चिह्न, मोतीमाला एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान डॉ. रंजीत शर्मा ‘रंग’ के साथ रामजी लाल शर्मा ने प्रदान किए। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में सुभाष चंद्र शर्मा, प्रोफेसर शिवराज भारद्वाज, नंदलाल मणि त्रिपाठी एवं डॉ. धीरज कौशिक सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कस्बे में आयोजित इस कवि सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रोताओं की मौजूदगी रही और देर रात तक तालियों एवं वाहवाही से कार्यक्रम स्थल गूंजता रहा।













