
हाथरस 05 सितम्बर। सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र की एक विवाहिता ने पति समेत सात लोगों पर दहेज उत्पीड़न, छेड़छाड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता का आरोप है कि दहेज में अलीगढ़ में प्लॉट और क्रेटा कार की मांग पूरी न होने पर ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। इतना ही नहीं, 25 जनवरी को पिता को हार्ट अटैक आने का बहाना बनाकर उसे कार से सिकंदराराऊ लाया गया और अलीगढ़ रोड स्थित फ्लाईओवर के नीचे मारपीट कर छोड़ दिया गया। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर लिया है। पीड़िता ने बताया कि उसका विवाह 23 अप्रैल 2025 को कोठी लंकराम नई बस्ती, थाना बन्नादेवी, अलीगढ़ निवासी गौरव कुमार के साथ हुआ था। उसके पिता ने शादी में करीब 30 लाख रुपये खर्च किए थे। आरोप है कि शादी के बाद पति गौरव कुमार और उसके स्वजन अतिरिक्त दहेज में अलीगढ़ में एक प्लॉट और क्रेटा कार की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर उसके साथ मानसिक और शारीरिक रूप से उत्पीड़न किया जाने लगा।
पीड़िता के अनुसार, शादी के बाद उसे मायके ले जाने के लिए उसके ननदोई ने अपने खाते में 50 हजार रुपये डलवाए, जिसके बाद ही उसे मायके ले जाया गया। आरोप है कि बाद में उसे अलीगढ़ में ननदोई के घर रहने के लिए भेज दिया गया, जहां ननदोई ने उसके साथ छेड़छाड़ और जबरदस्ती का प्रयास किया। पीड़िता का आरोप है कि जब उसने इसकी शिकायत पति और ससुराल पक्ष के लोगों से की तो पति, सास और ननद ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने तहरीर में आरोप लगाया कि 25 जनवरी को उसके पिता को हार्ट अटैक आने की बात कहकर ससुराल पक्ष के लोग उसे कार में बैठाकर सिकंदराराऊ ले आए। आरोप है कि अलीगढ़ रोड स्थित फ्लाईओवर के नीचे पहुंचने के बाद उसे कार से खींचकर नीचे गिरा दिया गया और लात-घूंसों से मारपीट की गई। इस दौरान उसके साथ छेड़छाड़ किए जाने का भी आरोप है। चीख-पुकार सुनकर वहां से गुजर रहे लोगों ने उसे बचाया, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से चले गए। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने धमकी दी कि यदि वह प्लॉट और क्रेटा कार लेकर ससुराल नहीं आई तो उसे जान से मार दिया जाएगा। घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस को तहरीर देकर पति समेत सात आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इस तरह के दहेज उत्पीड़न के मामलों में पुलिस द्वारा शिकायत के आधार पर जांच कर कार्रवाई किए जाने के हालिया उदाहरण भी सामने आए हैं।









