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हाथरस 05 सितम्बर। शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपद के 23 शिक्षकों को पुस्तक एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन मा. सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान गोरखपुर के बाबा गंभीर नाथ प्रेक्षागृह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कर कमलों द्वारा आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह के सजीव प्रसारण की भी व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह, राष्ट्रीय लोकदल जिलाध्यक्ष श्याम सिंह, अपना दल जिलाध्यक्ष रवि सारस्वत, जिलाधिकारी अतुल वत्स, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा तथा मुख्य विकास अधिकारी पी.एन. दीक्षित की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद, जिलाध्यक्षों एवं अधिकारियों ने संयुक्त रूप से डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छवि चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। इसके बाद उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का बुके भेंटकर तथा स्मृति चिन्ह देकर स्वागत एवं सम्मान किया गया। समारोह में वक्ताओं ने शिक्षक की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान प्रदान नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र, व्यक्तित्व और राष्ट्र का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों के साथ-साथ रसोइयों, शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों सहित शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न वर्गों को भी सम्मानित किया जा रहा है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच और पहल का परिणाम है कि शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कार्मिकों को भी सम्मान प्रदान किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि भारत के द्वितीय राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को देशभर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। समाज और राष्ट्र के निर्माण में शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश और प्रदेश की आने वाली पीढ़ी के भविष्य निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधों पर होती है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उनके चरित्र एवं व्यक्तित्व निर्माण पर भी विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। कहा कि एक शिक्षक का प्रभाव अनेक पीढ़ियों पर पड़ता है, इसलिए राष्ट्र की मजबूत नींव तैयार करने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने गुरु-शिष्य संबंध एवं परस्पर सम्मान की भावना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन परंपरा में गुरु का विशेष स्थान है। बच्चे विद्यालय में कच्ची मिट्टी के समान आते हैं, जिन्हें शिक्षक अपने ज्ञान, संस्कार एवं मार्गदर्शन से तराशकर बेहतर नागरिक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को सही दिशा देने के साथ उनके जीवन में अनुशासन और संस्कारों का भी संचार करते हैं। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कहा कि राष्ट्र का निर्माण केवल बड़ी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि प्रत्येक कक्षा, ब्लैकबोर्ड और विद्यार्थी की कॉपी में लिखे गए ‘वेरी गुड’ जैसे छोटे-छोटे प्रोत्साहनों से होता है। शिक्षकों की सबसे बड़ी पूंजी उनके विद्यार्थियों की उपलब्धियां होती हैं। शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति की क्षमता और आगे बढ़ने का जज्बा पैदा करना भी है। उन्होंने शिक्षकों एवं अभिभावकों से विद्यार्थियों के प्रति सकारात्मक एवं संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। डीएम ने पुलिस अधीक्षक द्वारा शुरू की गई ‘पंक स्नेहल’ लेटर राइटिंग प्रतियोगिता की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से बच्चों को अपने मन के भाव एवं विचारों को शब्दों के माध्यम से व्यक्त करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को इस पहल को सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी समय निकालकर ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होकर बच्चों का उत्साहवर्धन करने की अपील की। जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा की वास्तविक गुणवत्ता का आकलन केवल विद्यालय की सुविधाओं, प्रवेश संख्या या भौतिक संसाधनों से नहीं किया जा सकता। किसी विद्यार्थी का मंच पर खड़े होकर आत्मविश्वास से अपनी बात रखना और अपने विचारों को लिखित रूप में व्यक्त कर पाना ही शिक्षा की वास्तविक सफलता है। उन्होंने शिक्षकों से विशेष रूप से कहा कि वे अपनी कक्षा के सबसे कमजोर विद्यार्थी का हाथ कभी न छोड़ें। जो विद्यार्थी पहले से अच्छा कर रहा है, उसे आगे बढ़ाना आसान है, लेकिन कमजोर विद्यार्थी को साथ लेकर चलना ही शिक्षक की वास्तविक परीक्षा और सफलता है। उन्होंने शिक्षकों से कमजोर विद्यार्थियों को विशेष सहयोग एवं प्रोत्साहन देकर उनके भविष्य को संवारने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

इस अवसर पर जनपद के मुरसान, सासनी, हाथरस, नगर हाथरस, हसायन, सादाबाद, सहपऊ एवं सिकंदराराऊ विकास क्षेत्रों के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कार्यरत नीरज कुमार, खुशबू सिंह, यशोधरा सिंह, नीशू दीक्षित, पुष्पेंद्र कुमार,सुधीर वर्मा, रितु वशिष्ठ, पूनम वार्ष्णेय, अरुण शर्मा, डॉली,  शंभुदयाल, प्रेमलता, प्रमेश कुमार शर्मा, वंदना अग्रवाल, आलोक कुमार, प्रभात कुमार, आकांक्षा सेंगर, मनीषा सिंह, रेनू शर्मा, मीरा यादव, नितेश, तूलिका सक्सेना, बबीता चौधरी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। शिक्षक दिवस के अवसर पर जनपद के विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया। संविलियन विद्यालय कोटा की कक्षा 8 की छात्रा कुमारी पायल तथा संविलियन विद्यालय नगर क्षेत्र हतीसा के कक्षा 8 के छात्र विवेक कुमार सहित अन्य विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के शिक्षण कार्य, पढ़ाने के तरीके और व्यवहार के संबंध में विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने कहा कि शिक्षक उन्हें केवल पाठ्यक्रम की शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि अनुशासन, संस्कार, मेहनत और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देते हैं। इस मौके पर विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को स्टेशनरी किट प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी सुनील वर्मा, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

 

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