
सिकन्दराराऊ 03 सितम्बर। जलेसर रोड स्थित ग्राम नगला अहीर, पंचायत बरवाना के प्राचीन शिव मंदिर एवं एकता स्थल पर गुरुवार दोपहर धार्मिक एवं विकास से जुड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राधा-कृष्ण और शनिदेव महाराज की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, हाथरस सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि, विधायक वीरेंद्र सिंह राणा, विधायक अंजुला सिंह माहौर और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव समेत कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का भी लोकार्पण किया गया। जनप्रतिनिधियों ने 225 मीटर आरसीसी सड़क और दो हाईमास्ट सोलर लाइटों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही प्राचीन शिव मंदिर के सौंदर्यीकरण और सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया गया। आयोजित जनसभा में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में बेहतर प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने शिक्षा के साथ युवाओं को आगे बढ़ाने और क्षेत्र के विकास पर जोर दिया।
POCSO और दुष्कर्म मामले में आरोपी की गिरफ्तारी का भरोसा
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से POCSO और दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी की गिरफ्तारी न होने को लेकर सवाल किया। इस पर उन्होंने कहा कि मामला अब उनके संज्ञान में आया है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। पत्रकारों ने एक मृत युवती की मां के कलेक्ट्रेट पहुंचने और न्याय की मांग को लेकर अपने साथ पेट्रोल ले जाने की घटना को लेकर भी सवाल किया। महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
अहेरिया समाज को एससी श्रेणी में शामिल करने का अध्ययन अंतिम चरण में
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने एससी और एसटी की जाति श्रेणियों में बदलाव के सवाल पर कहा कि इसमें अंतिम अधिकार संसद का है। उन्होंने बताया कि अहेरिया समाज को एससी श्रेणी में शामिल किए जाने को लेकर अध्ययन अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्पष्ट किया गया है कि एससी/एसटी सूची में किसी भी बदलाव का आधार तथ्य, आंकड़े और प्रमाण होने चाहिए। जब तक जनसंख्या से जुड़े आंकड़े उपलब्ध नहीं होंगे, तब तक यह निर्धारित करना कठिन होगा कि किसी जाति का प्रतिनिधित्व उचित है या नहीं। उन्होंने कहा कि इसी दृष्टि से जातिगत जनगणना का महत्व है। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, विकास कार्यों के लोकार्पण और मेधावी छात्रों के सम्मान के चलते ग्रामीणों एवं क्षेत्रीय लोगों में उत्साह का माहौल रहा।













