
हाथरस 27 अगस्त। जनपद के सरकारी विद्यालयों में शैक्षिक एवं बुनियादी व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स (ADHR), हाथरस ने राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय के नेतृत्व में जिलाधिकारी अतुल वत्स की उपस्थिति में ओसी कलेक्ट्रेट उपजिलाधिकारी अर्चना शर्मा को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को सुरक्षित, स्वच्छ, सम्मानजनक एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए विद्यालयों में सुरक्षित भवन, स्वच्छ पेयजल, क्रियाशील शौचालय, पर्याप्त कक्षाएं, डेस्क-बेंच, बिजली-पंखे, खेल सुविधाएं, पर्याप्त शिक्षक और पौष्टिक मध्यान्ह भोजन जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। ADHR ने संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21, 21-क, 39(फ) एवं 45 का उल्लेख करते हुए बच्चों की शिक्षा, गरिमा, समान अवसर और सुरक्षित वातावरण को शासन-प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताया। संगठन ने जनपद के सभी सरकारी विद्यालयों का व्यापक एवं निष्पक्ष स्थलीय सर्वेक्षण और तकनीकी निरीक्षण कराकर विद्यालयवार कमियों को चिन्हित करने तथा उनके समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने की मांग की। ज्ञापन में जर्जर भवनों की मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण, छात्र संख्या के अनुपात में कक्षाएं, खेल मैदानों को सुरक्षित बनाने, खेल सामग्री उपलब्ध कराने, पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति, गुणवत्तापूर्ण ड्रेस, जूते-मोजे, पुस्तकें एवं बैग उपलब्ध कराने, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश एवं पंखे, नियमित सफाई, कूड़ा निस्तारण और जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग भी की गई। इसके साथ ही छात्राओं के लिए स्वच्छता एवं सुरक्षा संबंधी सुविधाएं तथा दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए रैंप और सुगम आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
ADHR ने जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों द्वारा विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कराने और कमियों के निस्तारण के लिए स्पष्ट समयसीमा तय करने की मांग की। संगठन ने प्रत्येक सरकारी विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं की विद्यालयवार सार्वजनिक रिपोर्ट तैयार करने तथा अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के लिए प्रभावी निगरानी एवं शिकायत निस्तारण व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया। ज्ञापन में कहा गया कि किसी भी बच्चे के साथ जाति, धर्म, लिंग, आर्थिक स्थिति, दिव्यांगता अथवा किसी अन्य आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने कहा कि किसी बच्चे को केवल इसलिए असुरक्षित अथवा असुविधाजनक वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वह सरकारी विद्यालय में पढ़ता है। उन्होंने कहा कि गरीबी या सरकारी विद्यालय में पढ़ना गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और गरिमापूर्ण शिक्षा में बाधा नहीं बनना चाहिए। संगठन ने उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी के स्तर से संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर सरकारी विद्यालयों की व्यवस्थाओं में ठोस सुधार कराया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष कमलकांत दोवराबाल, राजेश वार्ष्णेय, अनिल अग्रवाल, रवि गुप्ता, उद्धव कृष्ण शर्मा आदि मौजूद रहे।












