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हाथरस 27 अगस्त। मेहनत, ईमानदारी, निष्ठा और लगन से किया गया परिश्रम सफलता के द्वार खोलता है। इस बात को दयाचंद पौरुष ने अपने संघर्ष और सफलता से साबित किया है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर शिक्षा को अपना आधार बनाने वाले दयाचंद पौरुष ने लंबे समय तक शिक्षण कार्य करने के साथ सरकारी नौकरी की तैयारी जारी रखी और मेहनत के बल पर सफलता हासिल की। दयाचंद पौरुष ने अपने सरकारी सेवाकाल की शुरुआत सादाबाद में कानूनगो के पद से की। कई वर्षों तक पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के बाद उनका पहला प्रमोशन आगरा की वाह तहसील में नायब तहसीलदार के पद पर हुआ। यहां भी उन्होंने अपने दायित्वों का ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निर्वहन किया। उनकी कार्यशैली, निष्ठा और मेहनत को देखते हुए सरकार की ओर से उन्हें एक और पदोन्नति मिली और अब उन्हें बदायूं में तहसीलदार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रमोशन की जानकारी मिलते ही परिवारजनों, मित्रों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

प्रमोशन संबंधी प्रक्रिया पूरी कर घर लौटने पर दयाचंद पौरुष का स्वागत करने के लिए शुभचिंतकों का तांता लग गया। योगेश कुमार ओके, शहर अध्यक्ष कांग्रेस, अमित कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष, मुकेश कुमार, कार्यालय प्रभारी एवं राजीव राघव ने तहसीलदार के रूप में पहली बार घर आगमन पर उन्हें फूलों का बुके भेंट किया और गुलाबों की माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया। स्वागत से अभिभूत तहसीलदार दयाचंद पौरुष ने युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए कहा कि आज के युवाओं को मन लगाकर शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए और अपने लक्ष्य के अनुरूप विषयों पर पूरी मेहनत के साथ ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास और मेहनत से कठिन से कठिन लक्ष्य को भी हासिल किया जा सकता है। इस अवसर पर योगेश कुमार ओके ने कहा कि दयाचंद पौरुष आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। विशेष रूप से वे युवा, जो मेहनत करते-करते थककर नौकरी की उम्मीद छोड़ चुके हैं, उन्हें उनके जीवन संघर्ष से सीख लेनी चाहिए। स्वागत कार्यक्रम के दौरान यश कुमार सिंह, प्रथम पौरुष, रुद्रप्रताप सिंह, प्रतीक कुमार, वंशिका सिंह एवं प्रकृति सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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