सादाबाद 24 अगस्त । श्रावण मास के अंतिम आज से पहले रविवार रात क्षेत्र शिवमय हो गया। आगरा-अलीगढ़ राजमार्ग पर पूरी रात ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंजते रहे। गंगा घाटों से पवित्र जल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे शिवभक्त कांवड़ियों का सैलाब देर रात तक सड़कों पर दिखा। इस दौरान कलश कांवड़, कंधे वाली कांवड़ और डाक कांवड़ का विशेष बोलबाला रहा।
रविवार शाम से ही कांवड़ियों के जत्थे आगरा अलीगढ़ राजमार्ग से गुजरने लगे थे। रात बढ़ने के साथ इनकी संख्या में भी वृद्धि हुई। तेज बारिश के बावजूद शिवभक्तों के कदम नहीं रुके; कई कांवड़िए भीगते हुए जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। मार्ग में जगह-जगह लगे सेवा शिविरों में कांवड़ियों के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा और विश्राम की व्यवस्था की गई थी। आगरा-अलीगढ़ राजमार्ग के अतिरिक्त मथुरा-राया और सादाबाद-जलेसर मार्ग पर भी रातभर कांवड़ियों का आवागमन जारी रहा। डाक कांवड़ लेकर तेजी से बढ़ रहे शिवभक्तों के कारण इन मार्गों पर विशेष चहल-पहल देखी गई। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी कांवड़ियों की सेवा के लिए जगह-जगह व्यवस्थाएं संभालीं। कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। प्रमुख मार्गों और चौराहों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के साथ ही कांवड़ियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। अंतिम सोमवार के मद्देनजर सेवा शिविरों की संख्या भी बढ़ाई गई थी। देर रात तक पुलिसकर्मी कांवड़ मार्गों पर गश्त करते देखे गए। सोमवार को अंतिम कांवड़ियों के निकलने तक सादाबाद क्षेत्र में शिवभक्ति का यह माहौल बने रहने की उम्मीद है। सुबह भी कई मार्गों पर कांवड़ियों के जत्थे ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के साथ आगे बढ़ते दिखाई दिए।













