सासनी 24 अगस्त । क्षेत्र के गांव अजरोई में नील और स्टील फैक्ट्रियों से फैल रहे कथित प्रदूषण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकल युक्त और अमोनिया गैस मिश्रित गंदे पानी को टैंकरों के माध्यम से गांव के नाले में डाला जा रहा है। सोमवार,आज नाले से उठी जहरीली गैस की चपेट में आने से एक ग्रामीण के बेहोश होने और दो अन्य की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर अजरोई ग्राम प्रधान हपेंद्र सिंह ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा और संबंधित फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्राम प्रधान ने शिकायत में बताया कि गांव के रोड पर स्थित नील और स्टील फैक्ट्री के संचालकों द्वारा कथित तौर पर फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त एवं अमोनिया गैस मिश्रित गंदा पानी टैंकरों में भरकर गांव के नाले में डलवाया जा रहा है। इससे आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण फैलने और ग्रामीणों को सांस लेने में परेशानी होने का आरोप लगाया गया है।
नाले के पास से गुजर रहा था ग्रामीण, गैस की चपेट में आया
शिकायत के मुताबिक, सोमवार को गांव का युवक गौरव नाले के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान नाले से उठी गैस की चपेट में आने से वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजन और ग्रामीण उसे आनन-फानन में उपचार के लिए अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा है। वहीं नाले के पास मौजूद भूरा और अनिल नामक दो अन्य ग्रामीणों की भी तबीयत अचानक बिगड़ने की बात सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों किसी तरह संभल सके।
फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
ग्राम प्रधान हपेंद्र सिंह ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य एवं जीवन से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए संबंधित दोनों फैक्ट्रियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और नाले में केमिकल युक्त पानी डाले जाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद उपजिलाधिकारी ने मामले की जांच कराकर नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मामले में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नाले में डाले जा रहे पानी में किस प्रकार के रसायन मौजूद हैं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।












