
लखनऊ 22 अगस्त। उत्तर प्रदेश कैबिनेट की शनिवार को हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए वित्त विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए सरकार ने सरकारी महिला कर्मचारियों के मातृत्व अवकाश के नियम में बड़ा बदलाव किया है। अब दूसरे बच्चे के लिए मातृत्व अवकाश लेने के लिए दोनों बच्चों की उम्र के बीच दो साल का अंतर होना अनिवार्य नहीं होगा। पहले यह शर्त लागू होने के कारण कई महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश का लाभ नहीं मिल पाता था। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के हालिया फैसले के बाद सरकार ने दो साल के अंतर की बाध्यता समाप्त करने का निर्णय लिया है। इससे अब दो बच्चों के बीच उम्र का अंतर दो साल से कम होने पर भी पात्र महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश मिल सकेगा और इस संबंध में होने वाले विवाद भी कम होंगे। वहीं प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले करीब 3.50 लाख रसोइयों का मानदेय भी 1000 रुपये बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। अब रसोइयों को सितंबर से साल में 10 महीने 3000 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। इससे पहले उन्हें 2000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाता था। प्रदेश के करीब 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों में 1.46 करोड़ विद्यार्थियों को मिड-डे-मील उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा बरेली के नवाबगंज और बुलंदशहर के जहांगीराबाद में नए बस स्टेशन बनाने का रास्ता भी साफ हो गया है। कैबिनेट ने दोनों स्थानों पर बस स्टेशन के लिए राजस्व विभाग की जमीन परिवहन विभाग को निशुल्क उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नवाबगंज में जमीन परिवहन निगम को निशुल्क पट्टे पर दी जाएगी, जबकि जहांगीराबाद में जमीन परिवहन विभाग को निशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। जमीन उपलब्ध होने के बाद दोनों स्थानों पर बस स्टेशन निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी, जिससे स्थानीय यात्रियों को बेहतर और व्यवस्थित परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।













