
हाथरस 18 अगस्त। वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22436) का अलीगढ़ जंक्शन पर ठहराव कराने की मांग को लेकर एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स (एडीएचआर) के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद अनूप वाल्मीकि को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नाम ज्ञापन सौंपा। एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से जनहित में ट्रेन का अलीगढ़ जंक्शन पर कम से कम दो मिनट का ठहराव सुनिश्चित कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि हाथरस, एटा, कासगंज और अलीगढ़ उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण जिले हैं। इन जिलों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार और धार्मिक कार्यों के लिए कानपुर, प्रयागराज एवं वाराणसी की यात्रा करते हैं। वर्तमान में इन क्षेत्रों के यात्रियों को वंदे भारत जैसी तेज और आधुनिक ट्रेन की सुविधा का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस अलीगढ़ जंक्शन से होकर गुजरती है, लेकिन यहां इसका ठहराव नहीं है।
एडीएचआर प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अलीगढ़ जंक्शन पर ट्रेन के ठहराव से अलीगढ़, हाथरस, एटा और कासगंज की लगभग एक करोड़ आबादी को प्रयागराज और वाराणसी के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। इससे छात्र, मरीज और व्यापारी वर्ग को कम समय में सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा की सुविधा मिलेगी। साथ ही प्रयागराज और वाराणसी जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अलीगढ़ एक प्रमुख रेलवे जंक्शन और शैक्षिक केंद्र है। यहां अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय सहित कई महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थान हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस के ठहराव से क्षेत्र के लोगों को सुविधा मिलने के साथ रेलवे के राजस्व में भी वृद्धि की संभावना है। प्रतिनिधिमंडल ने जनहित को देखते हुए ट्रेन संख्या 22436 का अलीगढ़ जंक्शन पर दो मिनट का ठहराव सुनिश्चित कराने की मांग की। सांसद अनूप वाल्मीकि ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन देते हुए कहा कि वह स्वयं प्रयास करेंगे कि वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस का अलीगढ़ जंक्शन अथवा हाथरस जंक्शन पर दो मिनट का ठहराव सुनिश्चित हो, ताकि क्षेत्र की जनता को इसका लाभ मिल सके। ज्ञापन देने वालों में एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय, जिलाध्यक्ष कमलकांत दोवराबाल, अनिल अग्रवाल, राजेश वार्ष्णेय, अमन बंसल, भानुप्रकाश वार्ष्णेय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।













