
हाथरस 12 अगस्त। “जो बिगड़ गए हैं, उन पर ध्यान देना तो जरूरी है, लेकिन उनसे पहले देश के भविष्य यानी युवाओं को नशे की लत से बचाने पर विशेष ध्यान देने की आज जरूरत है।” यह बात ब्रह्माकुमारीज की आनंदपुरी कॉलोनी, अलीगढ़ रोड स्थित राजयोग केंद्र की संचालिका बीके शांता बहिन ने सासनी तहसील क्षेत्र में आयोजित नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान कही। 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के अंतर्गत जनपद हाथरस की सासनी तहसील में नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाने के लिए विभिन्न विद्यालयों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान की शुरुआत के.एल. जैन इंटर कॉलेज से हुई। इसके बाद प्रकाश एकेडमी, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज सहित करीब 10 अन्य स्कूल-कॉलेजों तथा चौपाल सागर में भी नशा मुक्ति प्रतिज्ञा कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया गया। बीके कोमल बहिन और बीके पंचम सिंह के प्रयासों से आयोजित इन कार्यक्रमों में विद्यालयों एवं कॉलेजों के प्रशासन ने भी सहभागिता की। शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन ने 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान की सराहना करते हुए इसे मानव समाज के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
बीके लक्ष्मी बहिन ने विभिन्न स्थानों पर उपस्थित विद्यार्थियों, युवाओं और अन्य लोगों को नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा दिलाई। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में युवाओं और विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और दूसरों को भी नशे से बचाने के लिए जागरूक करेंगे। बताया गया कि 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के तहत पूरे भारत में करीब छह हजार ब्रह्माकुमारीज केंद्रों और गीता पाठशालाओं के माध्यम से नशा मुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। हाथरस के सासनी क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से भी युवाओं को नशे से बचाने और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसी व्यक्ति को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालना जितना आवश्यक है, उससे कहीं अधिक जरूरी है कि नई पीढ़ी को नशे की ओर जाने से पहले ही रोक दिया जाए। युवाओं को जागरूक कर उन्हें स्वस्थ, सकारात्मक और नशामुक्त जीवन की दिशा में आगे बढ़ाना ही अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।









