हाथरस 11 अगस्त। तहसील सदर क्षेत्र के गांव उझनेरा में न्यायालय के फैसले के बावजूद कृषि भूमि पर कब्जा कर धान की बुआई शुरू करने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने एसडीएम सदर को प्रार्थना पत्र देकर विपक्षियों पर भूमि पर दोबारा कब्जा करने का आरोप लगाया है और कोतवाली मुरसान पुलिस को कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है। गांव उझनेरा, मौजा ताजपुर निवासी रामप्रकाश सिंह ने बताया कि उनकी भूमि को लेकर न्यायालय उप-जिलाधिकारी सदर में राजेंद्र सिंह बनाम देवेंद्र सिंह के नाम से धारा 24 राजस्व संहिता के तहत वाद चला था, जिसका निस्तारण हो चुका है। रामप्रकाश सिंह के अनुसार, न्यायालय के आदेश के बाद राजस्व निरीक्षक द्वारा भूमि की पैमाइश कराकर मेड़ डलवाई गई थी। इसके बाद उन्होंने खेत की सीमा पर सीमेंट के खंभे लगवाकर तारबंदी भी करा दी थी।
आरोप है कि 11 जुलाई 2026 की सुबह करीब आठ बजे रामप्रकाश सिंह ट्रैक्टर लेकर अपने खेत की जुताई करने पहुंचे। इसी दौरान गांव उझनेरा निवासी सुरेश, युवराज, विजेंद्र, जगवीर, महेश, तेजवीर, भानू प्रताप, सुखपाल और कोमल ने उन्हें खेत जोतने से रोक दिया। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद सभी लोग एकराय होकर खेत पर दोबारा कब्जा करने लगे और वहां धान की बुआई शुरू कर दी। रामप्रकाश सिंह ने जब इसका विरोध किया तो विपक्षियों ने कथित तौर पर झगड़ा और फौजदारी करने की धमकी दी। मामले में रामप्रकाश सिंह ने एसडीएम सदर को प्रार्थना पत्र देकर कोतवाली मुरसान पुलिस को विपक्षियों को कृषि भूमि पर कब्जा करने और धान की बुआई करने से रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है।







