
हाथरस 11 अगस्त। वर्ष 2023 में गोली मारकर की गई संजय की हत्या के मामले में हाथरस की अदालत ने पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पुलिस एवं अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते 11 अगस्त 2026 को ADJ-06 न्यायालय, हाथरस ने मामले में फैसला सुनाया। न्यायालय ने पांचों दोषियों को धारा 302 भादवि के तहत उम्रकैद के साथ 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
मामला 5 जुलाई 2023 का है। वादी मनोज कुमार पुत्र जगदीश प्रसाद निवासी साथिनी, थाना इगलास, जनपद अलीगढ़ ने थाना कोतवाली नगर हाथरस में तहरीर देकर बताया था कि उनका भाई संजय पुत्र जगदीश प्रसाद गणेश सिटी, थाना कोतवाली नगर, हाथरस में रहता था। आरोप था कि 5 जुलाई को लाला का नगला गांधी नगर से आते समय दो अज्ञात व्यक्तियों ने संजय के साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मु.अ.सं. 174/2023 के तहत धारा 307 और 504 भादवि में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। घायल संजय को जिला अस्पताल हाथरस से अलीगढ़ रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसके बाद मुकदमे में धारा 302 भादवि की बढ़ोतरी की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने मोनिस कान्त शर्मा निवासी चित्रकूट बगीची, आगरा रोड, थाना कोतवाली नगर हाथरस, देवेन्द्र ठाकुर उर्फ देवू उर्फ देवकी निवासी ग्राम रहना, थाना हाथरस गेट, गौरव चौधरी निवासी भवनगढ़ी, थाना हरदुआगंज, अलीगढ़, संतोष जाट निवासी ग्राम महामौनी, थाना मुरसान तथा रामू उर्फ रामकुमार निवासी नगला पद्दू, थाना मुरसान के नाम प्रकाश में आने की बात कही। पुलिस के अनुसार गवाहों के बयान एवं संकलित साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध धारा 302, 307, 147, 148, 149, 34 भादवि तथा 3/25/27 आर्म्स एक्ट के तहत आरोप प्रमाणित पाए गए। विवेचना पूर्ण करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र संख्या 176/2023 दिनांक 30 अगस्त 2023 को न्यायालय में प्रेषित किया। अभियुक्तों को अधिक से अधिक सजा दिलाने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक हाथरस के निर्देशन में मामले की लगातार मॉनीटरिंग की गई। मॉनीटरिंग सेल एवं अभियोजन शाखा द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई।
इसी का परिणाम रहा कि ADJ-06 न्यायालय ने गौरव चौधरी, संतोष जाट, रामू उर्फ रामकुमार, देवेन्द्र उर्फ देवू उर्फ देवकी और मोनिस कान्त शर्मा को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने धारा 148 भादवि के तहत सभी पांचों दोषियों को दो वर्ष के कारावास एवं तीन हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया। धारा 147 भादवि के तहत संतोष जाट, रामू उर्फ रामकुमार, देवेन्द्र उर्फ देवू उर्फ देवकी एवं मोनिस कान्त शर्मा को दो वर्ष के कारावास एवं तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। वहीं गौरव चौधरी एवं मोनिस कान्त शर्मा को धारा 25 आर्म्स एक्ट में दो वर्ष का कारावास एवं तीन हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 27(1) आर्म्स एक्ट में पांच वर्ष का कारावास एवं तीन हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। संतोष जाट एवं देवेन्द्र उर्फ देवू उर्फ देवकी को भी धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत दो वर्ष के कारावास एवं तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।






