
हाथरस 11 अगस्त। बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय, हाथरस शहर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सुश्री श्वेता कुमारी, मुख्य सेविका उपस्थित मिलीं, जबकि श्रीमती ओमवती मुख्य सेविका एवं प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी अनुपस्थित थीं। बताया गया कि उनकी ड्यूटी ग्राम पंचायत नगला नंदू स्थित कांवड़ कैंप में सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक लगी हुई है। वहीं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर श्रीमती संगीता व्यास भी अनुपस्थित मिलीं। उनके संबंध में 10 से 12 अगस्त तक का अवकाश प्रार्थना पत्र उपस्थिति पंजिका में रखा मिला, लेकिन यह किसी सक्षम अधिकारी से स्वीकृत नहीं था। इस पर बाल विकास परियोजना अधिकारी को निर्देश दिए गए कि श्रीमती व्यास को सचेत किया जाए और भविष्य में सक्षम अधिकारी से अवकाश की पूर्व स्वीकृति लेने के बाद ही अवकाश पर जाने के लिए निर्देशित किया जाए। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में आंगनबाड़ी केंद्र वार्ड-14 की कार्यकत्री श्रीमती संतोष कुमारी, श्रीमती ऊषादेवी तथा वार्ड-15 की श्रीमती रक्षा यादव, श्रीमती राजकुमारी, श्रीमती मीनू वर्मा एवं श्रीमती नीलम उपस्थित मिलीं। बताया गया कि सभी कार्यकत्रियां प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रथम बार गर्भवती महिलाओं के फार्म ऑनलाइन कराने के लिए कार्यालय आई थीं।
कार्यालय के एक कक्ष में पुराने अभिलेख, कुछ कार्टून तथा बच्चों के बैठने के लिए मैट रखे मिले। इस पर उपस्थित मुख्य सेविका को कक्ष से सामान हटाकर निर्धारित स्थान पर रखवाने तथा मैट को संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र पर भिजवाने के निर्देश दिए गए। वहीं कार्यालय के हॉल में महिला कल्याण विभाग की ओर से जारी नारी शक्ति से संबंधित पुस्तिकाएं, कैलेंडर एवं पंपलेट काफी मात्रा में रखे मिले। इनका नियमानुसार तत्काल वितरण कराने के निर्देश दिए गए। हॉल में भरे हुए 36 सिलेंडर भी रखे मिले, जिन्हें संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों पर भिजवाने के निर्देश दिए गए। पोषण ट्रैकर एप पर ऑनलाइन डेली मॉनीटरिंग की समीक्षा के दौरान 10 अगस्त को आंगनबाड़ी केंद्र काशीराम कॉलोनी-416 एवं सीकनापान गली-826 बंद पाए गए। इस पर बाल विकास परियोजना अधिकारी को निर्देशित किया गया कि बंद मिले केंद्रों की संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पोषण ट्रैकर एप के अनुसार हाथरस शहर के सेक्टर 1 से 8 में कुल 16,802 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें से 13,909 बच्चों का वजन किया जा चुका है, जो कुल पंजीकृत बच्चों का 82.78 प्रतिशत है। निरीक्षण के दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी को निर्देश दिए गए कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए, जिससे केंद्र प्रतिदिन निर्धारित समय पर खुलें और योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंच सके। साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी को निरीक्षण में सामने आई कमियों का नियमित अनुश्रवण करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।






