
हाथरस/सासनी 08 अगस्त। करीब दो दशक तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहे वरिष्ठ पत्रकार यतेन्द्र शर्मा ने अब सियासत का रुख किया है। पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान बनाने वाले यतेन्द्र शर्मा को उत्तर प्रदेश भाजपा में प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी मिलने के साथ ही पूरे प्रदेश के मीडिया प्रभारी का दायित्व भी सौंपा गया है। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी संगठन में उनकी नई जिम्मेदारी को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाथरस जिले के छोटे से कस्बे सासनी से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की पत्रकारिता में पहचान बनाने वाले यतेन्द्र शर्मा ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया तक करीब दो दशक का लंबा सफर तय किया। देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों में भी उन्होंने रिपोर्टिंग की और राजनीति से जुड़ी खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों, अंदरूनी समीकरणों तथा चुनावी विश्लेषण के लिए अपनी अलग पहचान बनाई। कम उम्र में राजनीतिक संपादक बनने वाले पत्रकारों में भी उनका नाम प्रमुखता से लिया जाता रहा है। यतेन्द्र शर्मा की पहचान खास तौर पर राजनीति की अंदरूनी खबरों और राजनीतिक घटनाक्रमों की सटीक पड़ताल करने वाले पत्रकार के तौर पर रही। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान उनके राजनीतिक विश्लेषण और चुनावी आकलन लगातार चर्चा में रहे। सत्ता के गलियारों से लेकर जमीनी स्तर पर मौजूद राजनीतिक कार्यकर्ताओं और आम मतदाताओं तक उनकी पहुंच ने उन्हें राजनीतिक पत्रकारिता में अलग मुकाम दिलाया।
टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में भी बनाई अलग पहचान
टेलीविजन पत्रकारिता के दौरान इंडिया न्यूज पर प्रसारित उनके कार्यक्रम ‘किस्सा कुर्सी का’ और ‘चौपाल’ को राजनीतिक हलकों में खास पहचान मिली। इसके बाद News18 इंडिया डिजिटल में ‘पंचायत विद रिपोर्टर्स’ जैसे कार्यक्रम की नींव रखने और उसे कम समय में राजनीतिक चर्चा का प्रमुख मंच बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी प्लेटफॉर्म के डिजिटल चैनल ‘कड़क’ पर ‘बतकही’ कार्यक्रम को भी उन्होंने अलग अंदाज में प्रस्तुत किया। पत्रकारिता में लंबे अनुभव के दौरान यतेन्द्र शर्मा ने न सिर्फ राजनीतिक खबरों को करीब से समझा, बल्कि सत्ता, संगठन, विपक्ष और आम जनता के बीच बदलते राजनीतिक समीकरणों को जमीन पर जाकर समझने की शैली विकसित की। यही अनुभव अब भाजपा संगठन में उनकी नई भूमिका के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पत्रकारिता के साथ समाजसेवा में भी रहे सक्रिय
यतेन्द्र शर्मा की सक्रियता सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं रही। अपने गृह क्षेत्र में वह लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। बिना सरकारी सहायता के सरकारी स्कूलों के कायाकल्प से लेकर ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने जैसे प्रयासों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा, महिला स्वावलंबन और सामाजिक भागीदारी से जुड़े उनके प्रयासों ने उन्हें स्थानीय स्तर पर भी अलग पहचान दिलाई।
संगठन की रणनीति और सरकार की नीतियों को जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी
पत्रकारिता के लंबे अनुभव के बाद राजनीति में प्रवेश करने वाले यतेन्द्र शर्मा के सामने अब भूमिका पूरी तरह बदल चुकी है। भाजपा प्रदेश मंत्री के साथ उत्तर प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी के तौर पर उनकी जिम्मेदारी संगठन की राजनीतिक रणनीति, सरकार की नीतियों और पार्टी के कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से मीडिया और जनता तक पहुंचाने की होगी। आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर यह जिम्मेदारी इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि प्रदेश में भाजपा सरकार और संगठन की उपलब्धियों को जनता के बीच ले जाने के साथ विपक्ष के राजनीतिक नैरेटिव का जवाब देने में मीडिया विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। ऐसे समय में करीब दो दशक तक राजनीतिक पत्रकारिता कर चुके यतेन्द्र शर्मा का अनुभव पार्टी के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। पत्रकारिता के दौरान जिन राजनीतिक गलियारों की खबरें वह बाहर लाते रहे, अब उन्हीं राजनीतिक गलियारों में संगठन की रणनीति को मजबूत करने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी। सासनी विद्यार्थी परिषद से शुरू हुआ यतेन्द्र शर्मा का सफर अब उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन में एक नई राजनीतिक भूमिका के साथ नए पड़ाव पर पहुंच गया है।






