
हाथरस 08 अगस्त। उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र रामेन्द्र कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जनपद के पारंपरिक उत्पादों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक जनपद एक व्यंजन (ओडीओएफ) कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत हाथरस के लिए ‘रबड़ी’ को एक जनपद एक व्यंजन के रूप में चयनित किया गया है। कार्यक्रम के अंतर्गत रबड़ी की विभिन्न विधाओं में कार्यरत अथवा इस क्षेत्र में काम करने के इच्छुक लोगों के लिए वित्त पोषण सहायता योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिस पर सरकार द्वारा 10 से 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी, अधिकतम 50 लाख रुपये तक, प्रदान की जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और किसी विशेष शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं है। उद्योग, सेवा एवं व्यवसाय क्षेत्र में वित्तीय सहायता केवल हाथरस के लिए चिन्हित ओडीओएफ उत्पाद रबड़ी से संबंधित इकाइयों को ही दी जाएगी। आवेदक या उसकी इकाई किसी राष्ट्रीयकृत बैंक, वित्तीय संस्था अथवा सरकारी संस्था का ऋण डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए। साथ ही आवेदक ने केंद्र अथवा प्रदेश सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का पूर्व में लाभ न लिया हो। आवेदक अथवा उसके परिवार के किसी सदस्य को योजना के तहत केवल एक बार लाभ दिया जाएगा तथा पात्रता शर्तों को पूरा करने के संबंध में शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, ट्रांसजेंडर, महिला एवं दिव्यांगजन श्रेणी के लाभार्थियों को नियमानुसार लाभ प्राप्त करने के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी संबंधित प्रमाण-पत्र की प्रमाणित प्रति आवेदन के साथ लगाना अनिवार्य होगा। उपायुक्त उद्योग ने इच्छुक लोगों से योजना का लाभ उठाने की अपील की है। इच्छुक आवेदक जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र, हाथरस में किसी भी कार्यदिवस में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क कर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।






