
हाथरस 07 अगस्त। आज पुलिस अधीक्षक ने पुलिस कार्यालय स्थित मीटिंग कक्ष में कोर्ट मोहर्रिर एवं जनपद के समस्त थानों के कोर्ट पैरोकारों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी कार्यालय सहित समस्त कोर्ट मोहर्रिर एवं थानों के कोर्ट पैरोकार मौजूद रहे। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जनपद एवं गैरजनपद से संबंधित माननीय न्यायालय की आदेशिकाओं की तामीला के दौरान आने वाली समस्याओं की जानकारी ली तथा न्यायालय से सजा प्राप्त एवं रिहा हुए अभियुक्तों के साथ-साथ न्यायालय में उपस्थित कराए गए गवाहों के संबंध में की गई कार्रवाई की समीक्षा की। पुलिस अधीक्षक ने महिला संबंधी अपराध, पॉक्सो एक्ट एवं अन्य गंभीर धाराओं में पंजीकृत अभियोगों में प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए, ताकि अपराधियों को दोषसिद्ध कराते हुए अधिक से अधिक सजा दिलाई जा सके। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों के मामलों में पुलिस की ओर से न्यायालय में मजबूत एवं प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए, जिससे पीड़ितों को न्याय मिल सके और अपराधियों को उनके कृत्य की सजा मिल सके।
एसपी ने सभी थानों के टॉप-10 अपराधियों से संबंधित चिन्हित अभियोगों में प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए। साथ ही जनपद स्तर पर चिन्हित माफियाओं से संबंधित अभियोगों में गवाहों की गवाही प्राथमिकता के आधार पर कराने और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि माननीय न्यायालय से प्राप्त आदेशिकाओं की बजातखास तामीला समय से कराई जाए, जिससे गवाह निर्धारित समय पर न्यायालय में उपस्थित हो सकें और मुकदमों की सुनवाई में अनावश्यक देरी न हो। बैठक में उपस्थित कोर्ट पैरोकारों को निर्देशित किया गया कि माननीय न्यायालय से प्राप्त आदेशिकाओं को स्वयं प्रोसेस रजिस्टर एवं थाने की ऑर्डर बुक में अनिवार्य रूप से अंकित करें। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यदि माननीय न्यायालय द्वारा किसी मुकदमे से संबंधित माल तलब किया जाता है तो उसे प्रत्येक दशा में निर्धारित समय पर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही कोर्ट पैरोकारों को निर्देश दिए गए कि माननीय न्यायालय द्वारा प्रतिदिन सजा पाए अभियुक्तों का विवरण नियमित रूप से मॉनिटरिंग सेल को उपलब्ध कराया जाए। पुलिस अधीक्षक ने बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण मनोयोग, गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्यायालय में लंबित मामलों में प्रभावी पैरवी और समयबद्ध कार्रवाई पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।






