
सासनी 06 अगस्त । आगरा से हाथरस आ रही तीर्थयात्रियों से भरी एक सरकारी बस को रास्ते में रोककर यात्रियों को परेशान किए जाने के मामले में पुलिस अधीक्षक चिरंजीवी नाथ सिन्हा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एसआई राजेश कुमार को निलंबित कर दिया है। मामले में विभागीय कार्रवाई भी शुरू किए जाने की बात सामने आई है। बताया गया है कि आगरा से हाथरस के लिए तीर्थयात्रियों को लेकर आ रही सरकारी बस को एक सब इंस्पेक्टर ने रास्ते में करीब आधे घंटे तक रुकवा दिया। आरोप है कि सरकारी बस में यात्रा करने पर कंडक्टर द्वारा यात्रियों के टिकट काटे जाने से सब इंस्पेक्टर नाराज थे। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस से बस के फोटो भी खिंचवाए गए। आरोप है कि इसके बाद कंट्रोल रूम में बस में कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री होने की सूचना दी गई, जिसके बाद बस को सासनी थाने ले जाकर उसकी तलाशी ली गई। हालांकि तलाशी के दौरान पुलिस को कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली।
बताया गया कि सासनी थाने में तलाशी के बाद बस को आगे हनुमान चौकी पर भी दोबारा रोक लिया गया। आरोप है कि वहां मौजूद चौकी प्रभारी ने यात्रियों से कहा कि “ऊपर से आदेश है।” बस को बार-बार रोके जाने के कारण उसमें सवार महिलाओं, छोटे बच्चों और अन्य तीर्थयात्रियों को काफी देर तक परेशानी और असुविधा का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार यह सरकारी बस आगरा से हाथरस के लिए तीर्थयात्रियों को लेकर आ रही थी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बस का संचालन एत्मादपुर विधायक के विशेष अनुरोध पर कराया गया था। मामले की जानकारी भाजपा प्रदेश मंत्री यतेन्द्र शर्मा को हुई तो उन्होंने तत्काल हाथरस के पुलिस अधीक्षक चिरंजीवी नाथ सिन्हा से बातचीत की। उन्होंने तीर्थयात्रियों को हुई परेशानी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित एसआई राजेश कुमार को निलंबित करने और विभागीय कार्रवाई की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी चिरंजीवी नाथ सिन्हा ने तत्काल प्रभाव से एसआई राजेश कुमार को निलंबित कर दिया। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई के बाद मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।









