
हाथरस 06 अगस्त। जिले में एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) का स्टॉक काफी कम होने से कुत्ते और बंदर के काटने से घायल लोगों के सामने उपचार का संकट खड़ा हो गया है। जिला अस्पताल में बुधवार को रिजर्व स्टॉक से केवल 10 वॉयल उपलब्ध थीं, जिनसे करीब 50 लोगों को ही इंजेक्शन लगाया जा सका, जबकि करीब 75 मरीज एआरवी लगवाने पहुंचे थे। वैक्सीन खत्म होने के कारण करीब 25 मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। एआरवी कक्ष के बाहर भी वैक्सीन खत्म होने की सूचना चस्पा कर दी गई है। अजीत कुमार बुधवार सुबह अपने पांच वर्षीय बेटे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम उनके बेटे को कुत्ते ने काट लिया था और मंगलवार को भी अस्पताल आने के बावजूद वैक्सीन नहीं मिल सकी। बुधवार को भी इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें वापस लौटना पड़ा। इसी तरह सुरेश के चार वर्षीय बेटे को मंगलवार को बंदर ने काट लिया था, लेकिन वैक्सीन उपलब्ध न होने के कारण उन्हें भी लौटना पड़ा। जिला अस्पताल में सामान्य दिनों में प्रतिदिन 120 से 150 लोगों को एआरवी लगाई जाती है और करीब 30 से 35 वॉयल की खपत होती है, जबकि बुधवार को केवल 10 वॉयल उपलब्ध थीं। इसका असर सिकंदराराऊ, सादाबाद और सासनी सीएचसी पर भी पड़ा, जहां रोजाना 20 से 30 लोगों को एआरवी लगाई जाती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रदेश स्तर पर वैक्सीन की सप्लाई प्रभावित होने के कारण जिले में भी संकट बना हुआ है। जिले के वेयर हाउस से करीब 23 हजार वैक्सीन का ऑर्डर 15 दिन पहले भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक आपूर्ति नहीं हुई है। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल पहली डोज वाले मरीजों को प्राथमिकता दी जा रही है और दो से तीन दिन में नया स्टॉक आने की उम्मीद है।








