
हाथरस 05 अगस्त। दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज विकास भवन सभागार में जनपद स्तरीय कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित ने की। कॉन्क्लेव का उद्देश्य विभाग द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी अधिक से अधिक पशुपालकों तक पहुंचाना रहा। वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक कीर्ति सिंह ने दुग्धशाला विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत संचालित मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री पशुपालक प्रोत्साहन योजना तथा दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के उद्देश्यों, पात्रता और लाभों के बारे में पशुपालकों को बताया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विजय सिंह ने पशुपालन विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए पशु रोगों की पहचान, रोकथाम, निगरानी और टीकाकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण और वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन करने का आह्वान किया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. बलबीर सिंह ने वर्षभर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक चारा प्रबंधन की जानकारी दी और उन्नत तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
लीड बैंक मैनेजर राजीव कुमार ने किसानों एवं पशुपालकों के लिए बैंकों द्वारा संचालित ऋण और वित्तीय सहायता योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना (2026-27) के तहत चयनित 14 महिला और 14 पुरुष, कुल 28 लाभार्थियों को मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित ने चयन पत्र एवं अनुमति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी निखिल देव तिवारी, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुधीर कुमार दवास, डॉ. गोपाल सिंह, डॉ. कैलाश चंद्र, पराग डेयरी के आलोक कुमार सहित पशुपालन विभाग के अधिकारी, चयनित लाभार्थी और बड़ी संख्या में पशुपालक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन दुग्ध निरीक्षक सत्यवीर सिंह ने किया।








