हाथरस 02 अगस्त। जैन गढ़ी स्थित अपना घर आश्रम परिसर में अपना घर आश्रम कार्यकारिणी की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संस्थापक मदनलाल वार्ष्णेय ने की, जबकि संचालन सचिव चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने किया। बैठक में पिछली बैठक की कार्यवाही की समीक्षा एवं पुष्टि के बाद आगामी सेवा कार्यों की रूपरेखा को लेकर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में राकेश बंसल एवं शरद अग्रवाल ने कहा कि अपना घर आश्रम केवल एक संस्था नहीं, बल्कि मानव सेवा का सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और सेवा साथियों से समर्पित भाव के साथ कार्य करते हुए जरूरतमंद, असहाय एवं प्रभुजनों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। अनिल अग्रवाल एवं बीना गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि आश्रम की सेवा गतिविधियों को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को इससे जोड़ने की आवश्यकता है। सेवा, संवेदना और सहयोग की भावना के माध्यम से ही आश्रम अपने उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से पूरा कर सकता है। बैठक का संचालन कर रहे सचिव चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि आश्रम के सेवा साथी धनीराम, पंडित मुकेश शर्मा, ठाकुर ध्रुव कुमार एवं अभय चाहर निरंतर पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ प्रभुजनों की सेवा में जुटे रहते हैं। उन्होंने कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और सभी कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयासों से आश्रम निरंतर सेवा के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने आगामी दिनों में सेवा कार्यों को और गति प्रदान करने के लिए सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से सक्रिय सहभागिता की अपील की।
उपेक्षित और निराश्रित प्रभुजनों को सम्मानजनक जीवन देना उद्देश्य
बैठक के अंत में संस्थापक मदनलाल वार्ष्णेय ने सभी पदाधिकारियों एवं सेवा साथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अपना घर आश्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के उपेक्षित, असहाय एवं निराश्रित प्रभुजनों को सम्मानपूर्वक जीवन उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी से सेवा, अनुशासन एवं समर्पण की भावना के साथ आश्रम की गतिविधियों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। बैठक में राम हरि चाहर, डॉ. कपिलेश मोहन वार्ष्णेय, राकेश कुमार अग्निहोत्री, मिथिलेश वार्ष्णेय, राजेश अग्रवाल सर्राफ, चंद्रेश कुमार, अजय अग्रवाल, संजय कुमार अग्निहोत्री सहित अन्य पदाधिकारी एवं सेवा साथी मौजूद रहे।











