
हाथरस 30 जुलाई। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गोवर्धन परिक्रमा एवं राजस्थान स्थित केला देवी-करौली धाम के दर्शन के लिए रवाना होने वाले श्रद्धालुओं की बुधवार को हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कासगंज-मथुरा रेलखंड पर संचालित लगभग सभी पैसेंजर ट्रेनें क्षमता से कई गुना अधिक यात्रियों से भरी रहीं। सुबह और दिन के समय सबसे अधिक भीड़ होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई श्रद्धालुओं ने दिन में गुरु पूर्णिमा मेला स्पेशल ट्रेन न चलाए जाने पर नाराजगी भी जताई। बुधवार सुबह से ही हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। कासगंज से आने वाली अधिकांश पैसेंजर ट्रेनें पहले से ही खचाखच भरी हुई थीं। ऐसे में हाथरस सिटी स्टेशन से ट्रेन में सवार होने वाले यात्रियों को खड़े होने तक की जगह नहीं मिल सकी। कई यात्रियों को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), जीआरपी और रेलवे कर्मचारियों की सहायता से किसी तरह डिब्बों में चढ़ाया गया। रेलवे प्रशासन की ओर से गुरु पूर्णिमा मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन रात के समय किया गया, जबकि सर्वाधिक भीड़ सुबह और दिन में रही। इसके चलते नियमित ट्रेनों पर अतिरिक्त दबाव बना रहा और यात्रियों को कठिन परिस्थितियों में यात्रा करनी पड़ी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोवर्धन परिक्रमा के लिए मथुरा रवाना हुए। वहीं दोपहर में चलने वाली गंगापुर सिटी पैसेंजर ट्रेन से अनेक श्रद्धालु राजस्थान के हिण्डौन पहुंचे, जहां से वे केला देवी-करौली धाम में दर्शन एवं गुरु पूजन के लिए रवाना हुए। यात्रियों ने बताया कि पहले यह ट्रेन केवल अछनेरा तक संचालित होती थी, लेकिन अब गंगापुर सिटी तक संचालन होने से उन्हें सीधा लाभ मिल रहा है। यात्री दिनेश पाल सिंह ने कहा कि इससे हिण्डौन पहुंचना पहले की अपेक्षा काफी आसान हो गया है। वहीं मुकेश पाल ने बताया कि सीधी रेल सेवा मिलने से समय और किराए दोनों की बचत हो रही है।
रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्था, प्रतीक्षालय और प्लेटफॉर्म रहे फुल
श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के कारण रेलवे स्टेशन का प्रतीक्षालय और प्लेटफॉर्म पूरी तरह भर गए। कई परिवारों को प्लेटफॉर्म और फर्श पर बैठकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ा। भीड़ इतनी अधिक थी कि कुछ पुरुष यात्री महिला कोच में भी सवार हो गए, जबकि कुछ लोगों को ट्रेन के मालवाहक डिब्बों के समीप खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी। आरपीएफ और जीआरपी के जवान लगातार यात्रियों को सुरक्षित यात्रा के लिए जागरूक करते हुए व्यवस्था संभालते रहे।
रोडवेज बसों में भी यात्रियों का दबाव
रेलवे के साथ-साथ रोडवेज बसों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। हाथरस डिपो की ओर से मुड़िया मेले के लिए 30 अतिरिक्त बसों का संचालन किया गया तथा गोवर्धन एवं अन्य मार्गों पर भी अतिरिक्त बसें चलाई गईं। इसके बावजूद अधिकांश बसें पूरी क्षमता के साथ रवाना हुईं। यात्री सौरभ सिंह ने कहा कि यदि दिन के समय भी मेला स्पेशल ट्रेन चलाई जाती तो श्रद्धालुओं को काफी राहत मिलती। वहीं दिनेश कुमार ने बताया कि छोटे बच्चों के साथ भीड़भाड़ में यात्रा करना बेहद कठिन रहा। उन्होंने कहा कि पूरे परिवार में गुरु पूर्णिमा पर गोवर्धन परिक्रमा को लेकर लंबे समय से उत्साह था, लेकिन अत्यधिक भीड़ के कारण यात्रा काफी चुनौतीपूर्ण बन गई।






