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हाथरस 28 जुलाई। गुरु कृपामृत महोत्सव के पावन अवसर पर चामड़ गेट,नई धर्मशाला में परम पूज्य विष्णुस्वामी सम्प्रदायमतानुवर्ती आचार्य श्री वल्लभ जी महाराज के श्रीमुख से दिव्य आध्यात्मिक सत्संग का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर के अनेक गणमान्य नागरिकों, संतप्रेमी श्रद्धालुओं एवं भक्तजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर गुरु कृपा का पुण्य लाभ प्राप्त किया। सत्संग में आचार्य श्री वल्लभ जी महाराज ने गुरु तत्त्व की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु वह दिव्य शक्ति हैं, जो जीव के जीवन से अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान, भक्ति और आत्मबोध का प्रकाश प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाले नहीं, बल्कि जीवन को धर्म, सदाचार और ईश्वर भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करने वाले सच्चे मार्गदर्शक होते हैं।

महाराज श्री ने भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वेद, उपनिषद, पुराण एवं सनातन धर्म का दिव्य ज्ञान इसी परंपरा के माध्यम से आज तक सुरक्षित और जीवंत बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जब शिष्य श्रद्धा, समर्पण, सेवा और आज्ञापालन के भाव से गुरु के चरणों में स्वयं को समर्पित करता है, तभी उसके जीवन में आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है और ईश्वर की कृपा सहज प्राप्त होती है। सत्संग के दौरान पूरा वातावरण गुरु भक्ति, हरिनाम संकीर्तन और आध्यात्मिक भाव से ओत-प्रोत रहा। श्रद्धालुओं ने गुरु महिमा का श्रवण कर अपने जीवन को धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने बताया कि 29 जुलाई (बुधवार) को प्रातः 8:00 बजे से नई धर्मशाला, चामड़ गेट, हाथरस में गुरु पूजन एवं गुरु दीक्षा महोत्सव का दिव्य आयोजन किया जाएगा, जो रात्रि तक चलेगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से सपरिवार कार्यक्रम में शामिल होकर गुरु कृपा एवं आध्यात्मिक अनुग्रह प्राप्त करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में गोविंद बल्लभ, नरेंद्र खेतान, विनय फतेहचंदका, अनूप अग्रवाल, पंकज खंडेलवाल, श्याम सुंदर शर्मा “बंटी भैया”, बंशी वार्ष्णेय, नितिन अग्रवाल, सुभांशु खंडेलवाल, माधव अग्रवाल, अजय जी अग्रवाल, वेदांश बल्लभ सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।

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