हाथरस 27 जुलाई। मानवाधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्यरत एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स संस्था ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक अज्ञात शव का हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार कराया। संस्था की देखरेख में समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में अज्ञात शव का दाह संस्कार किया गया। इस दौरान अंतिम संस्कार की व्यवस्थाओं में एनएसएस अध्यक्ष सुनील अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा।
जानकारी के अनुसार, 21 जुलाई 2026 की रात्रि में थाना सहपऊ क्षेत्र के अंतर्गत रेलवे लाइन पर लगभग 40 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति का शव पुलिस को मिला था। मृतक ने गले में काला धागा एवं ताबीज पहन रखा था तथा उसने हल्के हरे रंग की शर्ट और ग्रे रंग की पैंट पहन रखी थी। दुर्घटना के कारण शव क्षत-विक्षत अवस्था में था। पुलिस ने मृतक की पहचान के लिए शव को 72 घंटे तक सुरक्षित रखा, लेकिन शिनाख्त नहीं हो सकी। इसके बाद नियमानुसार शव का पोस्टमार्टम कराया गया और उसे लावारिस घोषित कर दिया गया। तत्पश्चात पुलिस ने समाजसेवी सुनीत आर्य एवं प्रवीन वार्ष्णेय से अंतिम संस्कार कराने का अनुरोध किया।
समाजसेवियों ने अज्ञात मृतक का पूरे सम्मान के साथ हिंदू धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न कराया। इस अवसर पर प्रवीन वार्ष्णेय (राष्ट्रीय महासचिव, एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स), समाजसेवी सुनीत आर्य, एनएसएस अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, दीपक आयोग, बंटी भाई (कपड़े वाले), दीपांशु वार्ष्णेय, विशाल सोनी, आलोक अग्रवाल, कांस्टेबल अभिषेक एवं कांस्टेबल सचिन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि अज्ञात एवं असहाय मृतकों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर उन्हें मानवीय गरिमा प्रदान करना संस्था का सामाजिक दायित्व है, जिसे आगे भी निरंतर निभाया जाता रहेगा।










