
हाथरस 24 जुलाई। दहेज में बाइक की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को प्रताड़ित करने और बाद में उसके संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो जाने का मामला सामने आया है। थाना पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज न किए जाने पर पीड़ित पिता ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सीजेएम की अदालत की शरण ली। अदालत के आदेश पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कोर्ट में दाखिल प्रार्थना पत्र के अनुसार, रनवीर, निवासी नगला हरप्रसाद, लक्ष्मी नगर, थाना जमुनापार, जिला मथुरा ने बताया कि उनकी पुत्री वर्षा का विवाह 29 अप्रैल 2025 को थाना हाथरस गेट क्षेत्र के नया बांस अहवरनपुर निवासी पवन, पुत्र महेशचंद्र, के साथ हुआ था। विवाह में करीब पांच लाख रुपये खर्च कर सोने-चांदी के आभूषण एवं घरेलू सामान दिया गया था। प्रार्थी का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद ही पति पवन, देवर, सास और अन्य ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज में बाइक की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर वर्षा के साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया जाने लगा। शिकायत मिलने पर वह अपनी बेटी को मायके ले आए थे, लेकिन समझौते के बाद उसे दोबारा ससुराल भेज दिया गया। पीड़ित पिता के अनुसार, 13 मार्च की शाम वर्षा ने फोन कर बताया कि ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। इसके अगले दिन 14 मार्च की सुबह सास उर्मिला देवी ने फोन कर बताया कि वर्षा घर पर नहीं है। रनवीर का कहना है कि उन्होंने 15 मार्च को थाना हाथरस गेट में शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद पुलिस अधीक्षक हाथरस को भी रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थना पत्र भेजा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित पिता ने आशंका जताई है कि उनकी बेटी को ससुराल पक्ष ने गायब कर दिया है या उसके साथ कोई अनहोनी हो गई है। अदालत के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।









