
हाथरस, 24 जुलाई। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन में साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी सादाबाद के पर्यवेक्षण में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मथुरा-बरेली हाईवे स्थित मेंडू अंडरपास के पास से गिरोह के चार सदस्यों को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक टैबलेट, सात स्मार्ट मोबाइल फोन, 17 सिम कार्ड, नौ बैंक पासबुक, 11 चेकबुक, दो चेक, 15 मोहरें, आठ एटीएम कार्ड, पांच क्यूआर कोड, दो ट्रेड बुक, एक स्टाम्प पैड, बैंक खाते खोलने के फार्म, जीएसटी एवं अन्य दस्तावेज, आठ आधार कार्ड तथा 5,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामदगी के आधार पर थाना साइबर क्राइम में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे फर्जी दस्तावेजों और फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम को ट्रांसफर करने और कमीशन लेने के लिए किया जाता था। गिरोह के सदस्य बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को फोन कर उनके बैंक खातों की जानकारी और ओटीपी हासिल करते थे। इसके अलावा व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी APK फाइल भेजकर मोबाइल हैक कर बैंकिंग जानकारी चोरी करने की भी बात सामने आई है।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह का संचालन एक बाहरी नेटवर्क के संपर्क में रहकर किया जा रहा था। आरोपी फर्जी जीएसटी, उद्यम पंजीकरण और अन्य दस्तावेज तैयार कर बैंकों में सेविंग एवं करंट खाते खुलवाते थे। साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि का हिस्सा खाताधारकों और गिरोह के सदस्यों के बीच बांटा जाता था। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान माधव शर्मा निवासी चमरुआ, थाना मुरसान (हाथरस), दुर्गेश कुमार निवासी गुउडा बहरामपुर, थाना खंदौली (आगरा), कन्हैया सिंह तथा दीपक शर्मा उर्फ दीपू निवासी जारऊ, थाना सादाबाद (हाथरस) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के विरुद्ध थाना साइबर क्राइम में बीएनएस एवं आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास भी जारी हैं।









