हाथरस 23 जुलाई। श्रीकृष्ण गौशाला, गौशाला रोड स्थित गौमाता, श्री गिरिराज भगवान एवं प्रातःस्मरणीय परम पूज्य पंडित श्री गया प्रसाद जी महाराज की पावन तपोभूमि में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के षष्ठ दिवस श्रद्धालु भक्ति और आध्यात्मिक रस में सराबोर हो उठे। परम पूज्य आचार्य श्री वल्लभ जी महाराज ने गोपी गीत, महारास लीला, उद्धव-गोपी संवाद तथा भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की दिव्य एवं भावपूर्ण कथा का रसपान कराया। कथाव्यास ने कहा कि गोपी गीत केवल विरह का गीत नहीं, बल्कि जीवात्मा का परमात्मा के प्रति अनन्य प्रेम, समर्पण और भक्ति की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है। ब्रज की गोपियों ने अपने निष्काम और निस्वार्थ प्रेम से यह सिद्ध किया कि भगवान केवल सच्चे प्रेम के वश में होते हैं।
महारास लीला का वर्णन करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि रास पंचाध्यायी श्रीमद्भागवत का हृदय है। यह कोई लौकिक घटना नहीं, बल्कि जीव और परमात्मा के दिव्य मिलन का प्रतीक है। भगवान श्रीकृष्ण प्रत्येक भक्त के हृदय में विराजमान होकर उसे भक्ति का दिव्य आनंद प्रदान करते हैं। उद्धव-गोपी संवाद का मार्मिक वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने उद्धव जी को ब्रज भेजा, तब गोपियों की अनन्य भक्ति को देखकर स्वयं उद्धव जी भी भावविभोर हो गए। उन्हें अनुभूति हुई कि ज्ञान, योग और वैराग्य से भी श्रेष्ठ भगवान के चरणों में निष्काम प्रेम और भक्ति है। यही श्रीमद्भागवत का मूल संदेश है। कथा के अंतिम चरण में भगवान श्रीकृष्ण एवं माता रुक्मिणी के दिव्य विवाह का भव्य और आनंदमय वर्णन किया गया। कथा पंडाल में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की मनोहारी झांकी सजाई गई। मंगलगीतों, शंखनाद और जयघोषों के बीच श्रद्धालुओं ने विवाह उत्सव का आनंद लिया। पूरा वातावरण “राधे-राधे”, “जय श्रीकृष्ण” और “रुक्मिणी वल्लभ भगवान की जय” के उद्घोषों से भक्तिमय हो उठा।
श्रीकृष्ण गौशाला का कथा पंडाल एक बार फिर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। भक्तजन पूरे समय भगवान की दिव्य लीलाओं का श्रवण कर भक्ति रस में सराबोर रहे। आयोजन समिति के श्री गोविंद बल्लभ जी ने बताया कि 24 जुलाई को कथा के अंतिम दिवस सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष, श्रीमद्भागवत महापुराण की विदाई एवं श्रीशुकदेव पूजन का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर श्री गोविंद बल्लभ, श्री अजय अग्रवाल, श्री विष्णु अग्रवाल, श्री अमित अग्रवाल, आयुष्मान बंसल, कुशाग्र बंसल, तजवंत कालरा, उमाशंकर जैन, अनूप जैन, अमित जैन, गगन जैन, यतीश जैन, हिमांशु जैन, अनूप अग्रवाल, श्याम सुंदर शर्मा (बंटी भैया), अतुल अग्रवाल (हींग वाले), पंकज खंडेलवाल, राकेश बंसल (हींग वाले) सहित समस्त व्यवस्थापक मंडल एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।









