
हाथरस 22 जुलाई । थाना साइबर क्राइम हाथरस पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर देशभर के लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग के चार शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो विभिन्न राज्यों में हुई करोड़ों रुपये की साइबर ठगी की रकम को अपने बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर कराते थे।
पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन “वज्र” के तहत एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की जांच के दौरान बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक चालू खाते को संदिग्ध पाया गया। तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, ई-मेल आईडी, जीएसटी पंजीकरण और डिजिटल ट्रांजेक्शन की गहन जांच में खुलासा हुआ कि यह खाता साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने के लिए म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।
देश के कई राज्यों में 7.40 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़ा मामला
जांच में सामने आया कि तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और तेलंगाना समेत विभिन्न राज्यों में दर्ज 7 एनसीआरपी शिकायतों में कुल 7 करोड़ 40 लाख 61 हजार 233 रुपये की साइबर ठगी हुई थी। इनमें से 80 लाख 88 हजार 945 रुपये हाथरस निवासी सत्यवीर सिंह के बैंक ऑफ महाराष्ट्र स्थित खाते में ट्रांसफर किए गए थे।
सोशल मीडिया के जरिए फंसाते थे लोग
पुलिस के अनुसार गिरोह इंस्टाग्राम, फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर ठगी करता था। ठगी की रकम को छिपाने के लिए फर्जी फर्मों के नाम से चालू खाते खुलवाए जाते थे और उन्हीं खातों के माध्यम से रकम की लेयरिंग की जाती थी।
फर्जी फर्म बनाकर खुलवाया गया था बैंक खाता
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी मनीष गौतम ने बताया कि वह लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और उन्हें गिरोह के सरगनाओं दीपू पुंडीर एवं प्रदीप पुंडीर को उपलब्ध कराता था। प्रत्येक चालू खाता खुलवाने पर उसे दो लाख रुपये मिलते थे। आरोपी ने बताया कि सत्यवीर सिंह के नाम पर ‘जगदम्बा इंटरप्राइजेज’ नाम से फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी पंजीकरण कराया गया और उसी के आधार पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र में चालू खाता खुलवाया गया। खाताधारक सत्यवीर को इसके बदले 20 हजार रुपये दिए गए थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि खाते में फर्जी ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर पंजीकृत कराए गए थे, जिनका उपयोग साइबर ठगी की रकम के संचालन में किया जाता था। मोबाइल नंबर और ई-मेल उपलब्ध कराने वालों को भी अलग-अलग भुगतान किया जाता था।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
- सत्यवीर सिंह पुत्र हरीप्रसाद, निवासी छीतीपुर, थाना हसायन
- अर्जुन सिंह पुत्र देवकी, निवासी पोरा, थाना सिकंदराराऊ
- मनीष गौतम पुत्र भोलाशंकर, निवासी पोरा, थाना सिकंदराराऊ
- आकाश कुमार पुत्र लालाराम, निवासी इटरनी गढ़ोला, थाना सिकंदराराऊ
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अन्य म्यूल खातों की जानकारी भी मिली है, जिनकी जांच की जा रही है। गिरोह के फरार सदस्यों दीपू पुंडीर और प्रदीप पुंडीर समेत अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह के पीछे कोई बड़ा साइबर अपराध सिंडिकेट तो सक्रिय नहीं है। इस संबंध में थाना साइबर क्राइम हाथरस में मु0अ0सं0 20/26 के तहत धारा 318(4), 111(4) बीएनएस एवं 66-डी आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक आशीष कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा सफलतापूर्वक की गई।






