इलाज के दौरान 5 वर्षीय बच्चे की मौत, शव देने के लिए 50 हजार रुपये मांगने का आरोप; कोर्ट पहुंचा मामला
हाथरस 20 जुलाई। सिकंदराराऊ स्थित अनल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 5 वर्षीय बच्चे की मौत और शव देने के एवज में 50 हजार रुपये मांगने का गंभीर आरोप लगाया गया है। मामले में मृतक बच्चे की मां परवीन बेगम ने सीजेएम न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर अस्पताल संचालिका सहित 7 नामजद और 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 173(4) बीएनएस के तहत रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। नौरंगाबाद पश्चिमी निवासी परवीन बेगम ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि 16 मई 2026 को सुबह करीब 9 बजे उनके पुत्र छोटे की तबीयत खराब होने पर वह उसे सिकंदराराऊ के अनल हॉस्पिटल लेकर पहुंचीं। आरोप है कि अस्पताल संचालिका डॉ. मिथलेश वाष्णेय ने बच्चे को भर्ती करने की सलाह दी। भरोसा दिलाने के बाद उन्होंने 12 हजार रुपये जमा किए, जिसके बाद उसी दिन बच्चे को छुट्टी दे दी गई। प्रार्थना पत्र के अनुसार, 17 मई को बच्चे की तबीयत दोबारा बिगड़ने पर उसे फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि डॉ. मिथलेश के कहने पर 25 हजार रुपये और जमा किए गए। इसी दौरान शाम करीब 7 बजे उपचार के दौरान बच्चे की मौत हो गई। परवीन बेगम का आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद शव देने के लिए अस्पताल संचालिका द्वारा 50 हजार रुपये की मांग की गई। मना करने पर आरोप है कि अस्पताल संचालिका ने स्टाफ और अन्य लोगों को बुला लिया। पीड़िता ने प्रार्थना पत्र में बहादुर पुत्र सुरेश पाल, नीतू पुत्री रामवीर, दिनेश, प्रेम पुत्रगण चंद्रपाल, मेडिकल स्टाफ वंकू पुत्र भारत, शिवम उर्फ धैपू पुत्र दिनेश सहित 10-15 अज्ञात लोगों पर गाली-गलौज, मारपीट और शव देने से इनकार करने का आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार, सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। उनका कहना है कि थाने में तहरीर देने, मुख्यमंत्री पोर्टल और पुलिस अधीक्षक को शिकायत करने के बाद भी मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद परवीन बेगम ने सीजेएम न्यायालय हाथरस में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान उन्होंने थाना सिकंदराराऊ को मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना कराने के आदेश दिए जाने की मांग की है।









