
हाथरस 20 जुलाई। भारत विकास परिषद शाखा द्वारा मथुरा रोड स्थित सुंदर बाग में एडवोकेट भोला शंकर अग्रवाल एवं सुंदर बाग के स्वामी कपिल अग्रवाल के सहयोग से विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों के साथ संपर्क, पारिवारिक मिलन, कुटुंब प्रबोधन एवं युवा संस्कार विषयक एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जलविहार एवं विभिन्न मनोरंजक खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जीएसटी अधिकारी सुरेंद्र कुमार वर्मा, शाखा संरक्षक आर.सी. नरूला, राकेश मोहन वशिष्ठ, डॉ बीपी सिंह, दिनेश सेकसरिया, शाखा अध्यक्ष जय शर्मा, प्रांतीय गुरु वंदन छात्र अभिनंदन प्रभारी तरुण शर्मा, व्यापार मंडल फेम के मंडल संयोजक एवं जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री प्रवीण खंडेलवाल, नगर अध्यक्ष संजय गर्ग, नगर मंत्री विजय गुप्ता, अखिल भारतीय वार्ष्णेय महिला एसोसिएशन की डिम्पल वार्ष्णेय एवं पूजा वार्ष्णेय, रोटरी क्लब की विनीता, एडीएचआर के बाल प्रकाश वार्ष्णेय तथा वर्षा सहित अन्य अतिथियों ने भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया। इस अवसर पर डॉ बीपी सिंह एवं राकेश मोहन वशिष्ठ ने कुटुंब प्रबोधन विषय पर विचार व्यक्त करते हुए परिवार की एकता, संस्कार और सामाजिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद ऋषि कुमार वार्ष्णेय एवं तरुण शर्मा ने युवा संस्कार विषय पर संबोधित करते हुए युवाओं से मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचने और समय का सदुपयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया तथा जलविहार और विभिन्न मनोरंजक खेल प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। खेल प्रतियोगिताओं के संचालन में अविनाश सिंह, राजकुमार वार्ष्णेय, प्रदीप वार्ष्णेय, आशीष रस्तोगी एवं जिया रस्तोगी का विशेष सहयोग रहा। प्रतियोगिताओं में बाल प्रकाश, वर्षा, ऋषि-संगीता, डिम्पल-प्रदीप तथा राजकुमार-पूजा की टीमों ने विजेता स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में रिचा खंडेलवाल, संजीव सेंगर, ज्योति सिंह, प्रियंका शर्मा, सृष्टि शर्मा, ममता गर्ग, सीमा अग्रवाल, संगीता वार्ष्णेय, नवीन शर्मा, दीपक भारद्वाज, डॉ. नितिन मिश्रा, रति मिश्रा, उद्भव कृष्ण शर्मा, वंदना शर्मा, अंकित टालीवाल, हिमांशु शर्मा, अमिता सिंह सहित बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।








