हाथरस 20 जुलाई । लगातार हो रही भारी बारिश के बीच एक मानवीय तस्वीर उस समय सामने आई, जब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री यतेन्द्र शर्मा ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर कीचड़ में फंसी स्कूली बच्चों से भरी वैन को सुरक्षित बाहर निकलवाया।
जानकारी के अनुसार, गांव दरकौली से आगे अखईपुर से पहले स्थित कच्चे मार्ग पर लगातार बारिश के कारण सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गई थी। इसी दौरान छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक स्कूल वैन मिट्टी में बुरी तरह धंस गई। बारिश लगातार जारी रहने से स्थिति गंभीर हो गई और वैन को निकालना मुश्किल हो रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि समय पर सहायता नहीं मिलती तो किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। इसी बीच वहां से गुजर रहे भाजपा प्रदेश मंत्री यतेन्द्र शर्मा की नजर बच्चों से भरी फंसी हुई वैन पर पड़ी। उन्होंने तत्काल अपना काफिला रुकवाया और स्वयं बारिश व कीचड़ की परवाह किए बिना सड़क पर उतर गए। उनके साथ मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी वैन को निकालने में सहयोग किया। काफी देर तक धक्का लगाने और पहियों को सहारा देने के बाद वैन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वैन के सुरक्षित बाहर आने पर बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। मौके पर मौजूद लोगों ने इस सहायता के लिए यतेन्द्र शर्मा और उनके साथियों का आभार व्यक्त किया।
सादगी और जनसेवा की कार्यशैली
ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में भाजपा प्रदेश मंत्री बनने के बाद भी यतेन्द्र शर्मा लगातार सादगी के साथ क्षेत्र का भ्रमण कर रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने रोडवेज बस से यात्रा कर चर्चा बटोरी थी। इसके अलावा उन्होंने कई गांवों का दौरा साइकिल और ई-रिक्शा के माध्यम से कर स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और आम जनता से सीधे जुड़ाव का संदेश दिया। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनना भी उतना ही आवश्यक है। इसी उद्देश्य से वे गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और आवश्यकतानुसार तत्काल सहयोग करने का प्रयास कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने की सराहना
स्कूल वैन की घटना के बाद क्षेत्र में यतेन्द्र शर्मा के इस कदम की चर्चा रही। कई ग्रामीणों ने कहा कि बारिश और कीचड़ जैसी परिस्थितियों की परवाह किए बिना स्वयं मौके पर उतरकर मदद करना सराहनीय पहल है। एक बुजुर्ग ग्रामीण ने कहा, “संकट की घड़ी में जो सबसे पहले मदद के लिए आगे आए, वही सच्चे अर्थों में जनता के बीच रहने वाला जनप्रतिनिधि होता है। उस दिन यतेन्द्र शर्मा ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया।” इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने उनके इस मानवीय कदम की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्य जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच विश्वास को और मजबूत करते हैं।








