
हाथरस 18 जुलाई। जनपद के बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय का आज औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सूर्यप्रकाश उपस्थित मिले। निरीक्षण में अस्पताल परिसर की व्यवस्थाओं, ब्लड बैंक, ऑक्सीजन प्लांट, डायलिसिस यूनिट तथा निर्माणाधीन 50 बेड क्रिटिकल केयर अस्पताल का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में मरीजों, तीमारदारों एवं कर्मचारियों की मोटरसाइकिलें अव्यवस्थित ढंग से खड़ी मिलीं। इस पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि वाहनों की पार्किंग के लिए स्थान चिन्हित कर सुनियोजित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। निरीक्षण टीम ने मटरूमल धन्नालाल क्षय चिकित्सालय के भूतल पर स्थानांतरित किए जा रहे आपातकालीन कक्ष के निर्माण एवं मरम्मत कार्य का भी निरीक्षण किया। संबंधित कर्मचारियों को कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आपातकालीन कक्ष के रैंप को इतना चौड़ा बनाने को कहा गया कि एम्बुलेंस से मरीजों को आसानी से उतारा जा सके और वाहन का आवागमन सुगम रहे। मरीजों की सुविधा के लिए आपातकालीन कक्ष के निकट शौचालय निर्माण कराने के भी निर्देश दिए गए। इसके अलावा क्षय चिकित्सालय परिसर में खड़ी मोटरसाइकिलों को बाहर खड़ा कराने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
ब्लड बैंक के निरीक्षण के दौरान इश्यू एवं डोनर रजिस्टर का अवलोकन किया गया। निरीक्षण में ब्लड बैंक में 82 यूनिट रक्त तथा 127 यूनिट प्लाज्मा उपलब्ध पाया गया, जिसका मिलान रक्त कोष पोर्टल से भी किया गया और अभिलेख सही मिले। ब्लड बैंक में तैनात कर्मचारियों की उपस्थिति भी ड्यूटी रोस्टर के अनुरूप पाई गई। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को नियमित रूप से ब्लड बैंक का निरीक्षण एवं अनुश्रवण करने के निर्देश दिए गए। ऑक्सीजन (पीएसए) प्लांट का निरीक्षण करते हुए वहां स्थापित बूस्टर पंप की व्यवस्था देखी गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि अस्पताल में ही ऑक्सीजन सिलेंडरों की रिफिलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। डायलिसिस यूनिट के निरीक्षण के दौरान प्रतीक्षालय में मौजूद मरीजों एवं उनके तीमारदारों से बातचीत की गई। उन्होंने डायलिसिस सेवाओं एवं उपचार व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन 50 बेड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का भी जायजा लिया गया। यूपी सिडको द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य की प्रगति धीमी पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की गई। ग्राउंड फ्लोर, प्रथम एवं द्वितीय तल पर अभी भी कई निर्माण कार्य, रूफ सीलिंग और फिनिशिंग का कार्य अधूरा मिला। अधिकारियों ने अधिशासी अभियंता यूपी सिडको को निर्माण कार्य में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने तथा भवन के मुख्य हिस्से में शीघ्र शीशे लगवाने के निर्देश दिए, ताकि बंदरों से होने वाली क्षति को रोका जा सके। निरीक्षण के अंत में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि अस्पताल में साफ-सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा मरीजों की सुविधा के लिए आपातकालीन विभाग और 50 बेड क्रिटिकल केयर यूनिट के निर्माण एवं मरम्मत कार्य को शीघ्र पूर्ण कराया जाए, जिससे आमजन को बेहतर एवं सुचारु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।












