अलीगढ़ 17 जुलाई। मंगलायतन विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (सीडीओई) के तत्वावधान में “सतत विकास : डिजिटल लर्निंग के जरिए सतत विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाना” विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यशाला में शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल तकनीक के बढ़ते महत्व और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति में उसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला के मुख्य अतिथि माता त्रिपुरा सुंदरी मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मसूद परवेज ने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल शिक्षा के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और सुलभ शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग शिक्षा व्यवस्था को अधिक नवाचारपूर्ण, छात्र-केंद्रित और सभी वर्गों के लिए सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। साथ ही उन्होंने सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में डिजिटल लर्निंग की उपयोगिता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यशाला का आयोजन सीडीओई के निदेशक प्रो. अनुराग शाक्य के मार्गदर्शन में किया गया, जबकि कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. आशीष रायजादा ने किया। दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने डिजिटल शिक्षा के विभिन्न आयामों, ऑनलाइन शिक्षण की चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर डॉ. दीपक धीमान, दीपक चौधरी, डॉ. गीता, डॉ. रुचिर मिश्रा, डॉ. मुशाहिद, पंकज कुमार, डॉ. ऋचा वर्मा, डॉ. फरयाद खान, डॉ. ओसामा एजाज, डॉ. अनूप कुमार मन्ना, डॉ. पूनम गुप्ता, वंशिका सिंह, कल्पेश बेग, डॉ. अतीकुर्रहमान, रिपु दमन, रोहित, डॉ. हरेंद्र कुमार एवं डॉ. निवेदिता सिंह सहित अनेक शिक्षाविद एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी कार्यशालाएं शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, शोध और डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।







