
हाथरस 15 जुलाई । सिकंदराराऊ क्षेत्र की एक विवाहिता ने पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज की मांग, मारपीट तथा गर्भ गिराने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए महिला थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता शबनम पुत्री मोहम्मद साबिर अली, निवासी मोहल्ला सराय उम्दा बेगम, सिकंदराराऊ, ने बताया कि उनका निकाह 14 जून 2025 को अकरम पुत्र अशरफ, निवासी गौंडा रोड, थाना रोरावर, जनपद अलीगढ़ के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। निकाह के समय उसके परिजनों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज दिया था।
शबनम का आरोप है कि निकाह के बाद से ही उसके पति अकरम, सास परवीन, ससुर अशरफ तथा ननद हिना, सिदरा और फरहाना अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। पीड़िता के अनुसार, 5 नवंबर 2025 को पति के मौसा आबिद और मामा अशरफ घर आए और पति से कहा कि यदि दहेज नहीं मिल रहा है तो उसे तलाक देकर दूसरी शादी कर ले। आरोप है कि इसके बाद पति अकरम ने उसके पेट में लात मार दी। उस समय वह चार माह की गर्भवती थी। गंभीर चोट लगने से वह बेहोश हो गई। शबनम ने आरोप लगाया कि घटना के बाद ससुराल पक्ष उसे कार में बैठाकर हाथरस में छोड़कर फरार हो गया। राहगीरों की सूचना पर उसके परिजन मौके पर पहुंचे और उसे निजी चिकित्सक के यहां उपचार के लिए ले गए। बाद में अलीगढ़ में कराए गए अल्ट्रासाउंड में गर्भ में गंभीर चोट की पुष्टि होने का दावा किया गया। पीड़िता की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने पति समेत नामजद आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।








