
हाथरस 15 जुलाई । सासनी क्षेत्र के गांव लढ़ौता निवासी एक विवाहिता ने पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर दहेज की मांग, मारपीट और नवजात बेटी के जन्म के बाद प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए महिला थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता शिवानी पुत्री महेशचंद्र, निवासी गांव लढ़ौता, ने बताया कि उनका विवाह 18 फरवरी 2025 को आर्यन पुत्र विक्रम सिंह, निवासी गांव कारेका, थाना इगलास, जनपद अलीगढ़ के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह में उसके पिता ने करीब 7 लाख रुपये खर्च किए थे। दहेज में नकद 50 हजार रुपये, बाइक, फ्रिज, एलईडी टीवी, वाशिंग मशीन, कूलर, डबल बेड, घरेलू सामान, सोने के कुंडल और चांदी की पायल सहित अन्य उपहार दिए गए थे। शिवानी का आरोप है कि विदाई के कुछ दिन बाद ही पति, सास, ससुर और ननद अतिरिक्त दहेज के रूप में एक लाख रुपये की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर उसके साथ शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न शुरू कर दिया गया। पीड़िता के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान 17 मई 2025 को ससुरालियों ने उसे कमरे में बंद कर लात-घूसों से पीटा। आरोप है कि सास ने उसके पेट में भी लात मारी। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चले गए। शिवानी ने बताया कि 19 अगस्त 2025 को महिला थाने में समझौता होने के बाद 31 अगस्त को उसे दोबारा ससुराल भेजा गया। इसके बाद 28 नवंबर 2025 को उसने बेटी साक्षी को जन्म दिया। आरोप है कि बेटी के जन्म के बाद सास और अन्य ससुरालियों ने ताने देने शुरू कर दिए और उसके साथ फिर मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि 23 दिसंबर 2025 को ससुराल पक्ष के लोग उसे चार पहिया वाहन से उसके गांव के बाहर मंदिर के पास छोड़ गए और कहा कि एक लाख रुपये दहेज लेकर आने पर ही घर में प्रवेश मिलेगा, अन्यथा जान से मार दिया जाएगा।महिला थाना पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर पति समेत ससुराल पक्ष के नामजद आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।








