
हाथरस 10 जुलाई। थाना हसायन क्षेत्र के गांव खटोली निवासी एक महिला ने अपने पति एवं ससुराल पक्ष के लोगों पर हत्या के प्रयास, घरेलू हिंसा, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय एवं सुरक्षा की मांग की है। मामले में महिला थाना पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता लोकेश पुत्री सोहनपाल के अनुसार उनकी शादी 26 फरवरी 2024 को मोहित कुमार पुत्र कृष्णपाल निवासी गांव अल्लाबख्शपुर उर्फ बागरपुर, थाना बाबूगढ़, जनपद हापुड़ के साथ गुरुग्राम के पालम विहार स्थित शिव मंदिर में हुई थी। महिला का आरोप है कि शादी के बाद वह गर्भवती हुईं, लेकिन पति, सास, ननद और देवर ने कथित रूप से साजिश कर उनके भोजन में गर्भपात की दवा मिला दी, जिससे उन्हें गंभीर संक्रमण हो गया। उनका कहना है कि जान बचाने के लिए बड़ा ऑपरेशन कराना पड़ा और तब से उनका स्वास्थ्य लगातार खराब बना हुआ है। महिला ने आरोप लगाया कि उनके पति के गाजियाबाद निवासी एक महिला से कथित रूप से अवैध संबंध हैं। इसका विरोध करने पर पति, सास, ननद, देवर और पति के मित्र हर्षित ने उनके साथ मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि 28 फरवरी 2026 को 112 पुलिस बुलाकर उन्हें घर से निकाल दिया गया। पीड़िता ने पालम विहार थाने की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि 14 अप्रैल 2026 को थाने में पति ने लिखित रूप से साथ रखने का आश्वासन दिया था, जिसके आधार पर पुलिस के समक्ष उनसे राजीनामे पर हस्ताक्षर करा लिए गए। आरोप है कि थाने से बाहर निकलते ही पति अपने वादे से मुकर गया। महिला का यह भी कहना है कि शिकायत करने पर एक महिला पुलिसकर्मी ने उनकी मदद करने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। महिला का आरोप है कि राजीनामे के बाद से पति और ससुराल पक्ष के लोग उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी 12 वर्षीय बेटी को भी प्रताड़ित करने और नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी जा रही हैं। पीड़िता ने पुलिस से कथित राजीनामे को निरस्त कर हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने, आरोपितों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा उन्हें सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। फिलहाल महिला थाना पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
























