मथुरा 27 जून । विश्व नशा मुक्ति दिवस के उपलक्ष्य में केडी विश्वविद्यालय के चिकित्सा शिक्षा संस्थान केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, मथुरा के मनोचिकित्सा विभाग तथा नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जागरूकता कार्यक्रम में चिकित्सकों ने जहां नशे के दुष्प्रभाव बताए वहीं नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र में भर्ती लोगों ने बदले हुए नामों से नशे की लत को छोड़ने की जीवंत प्रस्तुति से नशामुक्त समाज निर्माण का संदेश दिया। जागरूकता कार्यक्रम के मार्गदर्शक एवं प्रति-कुलपति डॉ. गौरव सिंह द्वारा के डी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के डीन और प्राचार्य डॉ. आर के अशोका, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गगनदीप सिंह, कुलसचिव डॉ. विकास कुमार अग्रवाल आदि का स्वागत किया गया। मनोचिकित्सक डॉ. श्वेता सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराकर नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने केडी हॉस्पिटल में नशे के दुष्प्रभाव, उपचार एवं समाधान के साथ-साथ उपलब्ध नशा मुक्ति संबंधी स्वास्थ्य सेवाओं की भी जानकारी दी। इस अवसर पर डीन और प्राचार्य डॉ. आर के अशोका ने अपने सम्बोधन में कहा कि नशे से मनुष्य का शारीरिक, मानसिक, आर्थिक तथा सामाजिक नुकसान होता है, इसलिए उसे न केवल नशे से दूरी बनानी चाहिए तथा नशामुक्ति के बाद जो लोग गलत संगति से नशे की लत में पड़ गए हैं, उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए। डॉ. अशोका ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए जागरूकता कार्यक्रमों को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि एक पूर्ण नशामुक्त व्यक्ति अपने परिवार, समाज तथा राष्ट्र के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध हो सकता है। जागरूकता कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गगनदीप सिंह ने कहा कि मौजूदा दौर में हमारा देश ही नहीं समूची दुनिया नशे की गिरफ्त में है। अगर शरीर को नष्ट होने तथा परिवार को बर्बादी से बचाना है, बाल-बच्चों का भविष्य संवारना है तो हमें नशे का परित्याग करना होगा क्योंकि नशा नाश की जड़ है। कुलसचिव डॉ. विकास कुमार अग्रवाल ने कहा कि नशा एक ऐसी बुराई है, जिससे इंसान का अनमोल जीवन समय से पहले ही नष्ट हो जाता है। उन्होंने कहा कि नशाग्रस्त व्यक्ति अपराध की ओर अग्रसर हो जाता है तथा शांतिपूर्ण समाज के लिए अभिशाप बन जाता है। प्रति-कुलपति डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि नशीले पदार्थों के लती लोग ज्यादातर अकेले रहना चाहते हैं और अपने आपको समाज से अलग कर लेते हैं। उन्हें लगता है कि उनकी ज्यादातर चीजें गोपनीय ढंग से ही हों। इस अवसर पर नशे की गिरफ्त में आए लोगों ने अपने अनुभव साझा किए वहीं उनके परिजनों ने नशे की वजह से परिवार पर पड़ने वाली आर्थिक तंगी पर अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर मनोचिकित्सक एवं विशेषज्ञ नशामुक्ति डॉ. कमल किशोर वर्मा ने भी अपने विचार साझा किए।
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Ayog Deepak
Ayog Deepak is an Indian journalist and businessperson who is the chairman and Editor-in-chief of Hamara Hathras News.
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