
हाथरस 22 जून । उच्च न्यायालय इलाहाबाद एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश विनय कुमार-तृतीय के दिशा-निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, की सचिव अनु चौधरी की अध्यक्षता में पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत सहायक व्यक्तियों की सेवाओं के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु जिला स्तरीय हितधारकों एवं सहयोगी व्यक्तियों की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पोक्सो अधिनियम एवं पोक्सो नियमों के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं और प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही सहायक व्यक्तियों के कार्यों के दौरान आने वाली चुनौतियों, कमियों तथा बेहतर कार्यप्रणालियों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान पंजीकरण प्रक्रिया, पोक्सो मामलों के विभिन्न चरणों, पीड़ित बच्चों एवं उनके परिवारों की अपेक्षाओं और आवश्यकताओं के साथ-साथ हितधारकों की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों पर भी चर्चा की गई।
सचिव अनु चौधरी ने बच्चों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने परिवारों और सहायक व्यक्तियों को आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए अपनाई जाने वाली प्रभावी कार्यप्रणालियों पर भी चर्चा की। बैठक में पूर्व में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से प्रगति की जानकारी प्राप्त की गई। बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी सीमा मौर्य, चिकित्साधिकारी, अभियोजन अधिकारी सहला शमी, बेसिक शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि, जिला बाल सुरक्षा इकाई से विमल कुमार शर्मा, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष बविता अग्रवाल, वन स्टॉप सेंटर की संचालिका मनीषा भारद्वाज, पैनल अधिवक्ता तेज प्रकाश राना, सहायक व्यक्ति मतेन्द्र सिंह गहलोत एवं विष्णु नारायण सहित विशेष किशोर पुलिस इकाई के नामित उपनिरीक्षक एवं विभिन्न थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में थाना चंदपा से संतोष कुमार सिंह, थाना सिकंद्राराऊ से पन्नालाल गौतम, थाना सासनी से अजब सिंह, थाना मुरसान से सत्यप्रकाश सिंह, थाना हाथरस गेट से उपनिरीक्षक, थाना हसायन से भिखारीदास तथा वन स्टॉप सेंटर, हाथरस से सर्वेश सिंह ने प्रतिभाग किया। बैठक का उद्देश्य पोक्सो मामलों में पीड़ित बच्चों को बेहतर सहयोग, संरक्षण एवं न्याय दिलाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा।

























