
हाथरस 20 जून । अलीगढ रोड स्थित मंडी समिति में नए बाजरे की आवक शुरू हो गई है। पिछले दो-तीन दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से बड़ी मात्रा में बाजरा मंडी पहुंच रहा है। हालांकि नई फसल की आमद से मंडी में व्यापारिक गतिविधियां तेज हुई हैं, लेकिन किसानों को उनकी उपज का अपेक्षित मूल्य नहीं मिलने से निराशा का सामना करना पड़ रहा है।
वर्तमान में मंडी में बाजरा 1200 रुपये से 1800 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रहा है, जबकि पिछले वर्ष इसी समय बाजरे का मूल्य करीब 2000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था। ऐसे में बढ़ती लागत के बीच किसानों के लिए यह भाव चिंता का विषय बना हुआ है। किसानों का कहना है कि डीजल, खाद, बीज और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद बाजरे के कम दाम मिलने से खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। किसानों को उम्मीद थी कि नई फसल के अच्छे दाम मिलेंगे, लेकिन मौजूदा बाजार भाव ने उनकी उम्मीदों को झटका दिया है। मंडी के व्यापारी कुलदीप के अनुसार इस बार फसल की कटाई और मड़ाई के दौरान मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों तथा पर्याप्त रूप से फसल न सूखने के कारण बाजरे में नमी की मात्रा अधिक है। अधिक नमी वाला बाजरा लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता और उसके खराब होने की आशंका बनी रहती है। इसी कारण व्यापारी ऊंचे दामों पर खरीदारी करने से बच रहे हैं। व्यापारियों का मानना है कि जैसे-जैसे पूरी तरह सूखा और बेहतर गुणवत्ता वाला बाजरा मंडी में पहुंचेगा, वैसे-वैसे बाजार भाव में सुधार देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना जताई जा रही है।






















