Hamara Hathras

Latest News

सिकन्दराराऊ 19 जून । उत्तर प्रदेश में निबंधन (रजिस्ट्री) कार्यालयों के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं एवं टाइपिस्टों का आंदोलन आज दसवें दिन भी जारी रहा। तहसील परिसर में आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने सरकार के प्रस्तावित निर्णय का विरोध करते हुए निबंधन विभाग के निजीकरण का प्रस्ताव तत्काल वापस लेने की मांग की।

धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि निबंधन विभाग आम जनता से सीधे जुड़ा हुआ एक महत्वपूर्ण विभाग है। जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री जैसे संवेदनशील कार्यों को निजी हाथों में सौंपना जनहित के विरुद्ध है। उनका कहना था कि निजीकरण लागू होने से आम नागरिकों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, वहीं निबंधन कार्य से जुड़े अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं और टाइपिस्टों की आजीविका पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आंदोलनकारियों ने सरकार से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए प्रस्तावित निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निबंधन विभाग के निजीकरण का प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर तेज किया जाएगा।

धरने के दौरान वक्ताओं ने बताया कि आंदोलन की आवाज शासन और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई जा रही है। इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत), भारतीय किसान यूनियन (भानु) तथा पूर्व एमएलसी राकेश राणा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय से मुलाकात कर निजीकरण से उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं से अवगत कराया। नेता प्रतिपक्ष ने इस मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाने का आश्वासन दिया है। धरने की अध्यक्षता बार एसोसिएशन अध्यक्ष डी.के. चौहान (शोला) ने की, जबकि संचालन अधिवक्ता जय प्रकाश गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन सचिव राजेश बघेल, सिविल एसोसिएशन अध्यक्ष कुलदीप कुमार पंढीर, मीडिया प्रभारी प्रियांशु दरगढ़ सहित सिविल एसोसिएशन, कातिब एसोसिएशन और स्टाम्प एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। धरने में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, कातिब, स्टाम्प विक्रेता, टाइपिस्ट एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर आंदोलन को समर्थन दिया। वक्ताओं ने कहा कि निबंधन विभाग के निजीकरण का प्रस्ताव वापस लिए जाने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को प्रदेश स्तर पर और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

You cannot copy content of this page