सिकंदराराऊ (हसायन) 05 जून । मौसम अनुसंधान केंद्र, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (कानपुर) और भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा हाथरस जनपद के लिए जारी अगले पांच दिनों (6 जून से 10 जून) के मौसम पूर्वानुमान और विशेष एग्रोमेट (कृषि) सलाह की विस्तृत रिपोर्ट नीचे समाचार प्रारूप में दी गई है। हाथरस में मौसम का डबल अटैक: शुरूआती दो दिन आंधी-बारिश का अलर्ट, फिर 44 डिग्री तक तपेगा पारा- मौसम विभाग ने जारी किया 5 दिनों का पूर्वानुमान; आसमान में छाए रहेंगे हल्के से मध्यम बादल- किसानों और पशुपालकों के लिए विशेष एग्रोमेट एडवाइजरी जारी, फसलों व मवेशियों के बचाव की अपीलहाथरास। मौसम अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा जनपद के लिए आगामी पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान और अलर्ट जारी किया गया है. शुक्रवार (5 जून) को जारी मौसम बुलेटिन के अनुसार, अगले पांच दिनों में हाथरस के मौसम में व्यापक उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा. शुरूआती दो दिनों (6 और 7 जून) में जहां स्थानीय स्तर पर धूलभरी आंधी, गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ हल्की बारिश की चेतावनी है, वहीं उसके बाद के दिनों में सूर्यदेव के तीखे तेवरों के साथ भीषण गर्मी का दौर शुरू होगा.पूर्वानुमान के मुताबिक, इन पांच दिनों में अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री से लेकर 44.0°C तक पहुंचने की संभावना है, जो सामान्य से 2-3°C अधिक रहेगा।
वहीं न्यूनतम तापमान 24.0 से 29.0°C के बीच रहने का अनुमान है. इस दौरान हवाएं मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम दिशा से 5 से 15 किमी/घंटा की गति से चलेंगी, जिसके झोंके सामान्य से तेज हो सकते हैं.तारीखवार मौसम का सटीक आकलन: दिनांक व दिन संभावित वर्षा अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमानहवा की गति व दिशामुख्य चेतावनी / प्रभाव 06 जून (शनिवार) 1.0 मिमी37.0°C24.0°C5 किमी/घंटा (उत्तर-पश्चिम)आंधी-तूफान, बिजली कड़कना व हल्की बारिश 07 जून (रविवार)0.0 मिमी40.0°C25.0°C6 किमी/घंटा (उत्तर-पश्चिम)तेज हवाएं व आंधी की संभावना 08 जून (सोमवार)0.0 मिमी42.0°C28.0°C6 किमी/घंटा (उत्तर-पश्चिम)कोई चेतावनी नहीं, गर्मी बढ़ेगी09 जून (मंगलवार)0.0 मिमी43.0°C29.0°C11 किमी/घंटा (उत्तर-पश्चिम)तेज धूप और उमस10 जून (बुधवार)0.0 मिमी44.0°C29.0°C15 किमी/घंटा (दक्षिण-पश्चिम)भीषण तपन व लू जैसी स्थितिकिसानों के लिए जरूरी ‘एग्रोमेट’ सलाह (खेती-किसानी):धान की नर्सरी: धान की नर्सरी डालने के लिए खेतों की तैयारी शुरू करें। उन्नत किस्मों जैसे नरेंद्र-359, नरेंद्र धान-2026, सरजू-52, सीता, प्रो.एग्रो-6444, कावेरी-468 या सुगंधित किस्मों में पूसा बासमती-1, मालवीय सुगंध के बीजों की व्यवस्था कर नर्सरी डालें। नर्सरी डालने से 15 दिन पूर्व खेत में हल्की सिंचाई करें ताकि खरपतवार नष्ट हो जाएं।
मक्का व दलहन : जायद की तैयार मक्का, उर्द और मूंग की परिपक्व फसलों की कटाई व मड़ाई कर दानों को सुरक्षित स्थान पर भंडारित करें। जो मक्के की फसल दाने भरने की अवस्था में है, उसमें हल्की सिंचाई कर नमी बनाए रखें। खरीफ मक्का की बुवाई के लिए खेतों की तैयारी करें और संकुल प्रजातियां (कंचन, गौरव, श्वेता) या संकर प्रजातियां (प्रकाश, बायो-9681) के बीजों की व्यवस्था करें।
कीट प्रबंधन : मक्के में तना छेदक कीट दिखने पर क्यूनालफॉस या डाइमेथोएट का छिड़काव आसमान साफ होने पर करें। उर्द/मूंग में फली बेधक कीट की रोकथाम के लिए इमामेक्टिन बेंजोएट का छिड़काव करें। ध्यान रहे, हवा की विपरीत दिशा में खड़े होकर कीटनाशकों का छिड़काव न करें।
बागवानी : बैंगन, मिर्च, अगेती फूलगोभी की नर्सरी और भिंडी, लौकी, तोरई, करेला, खीरा की बुवाई के लिए यह अनुकूल समय है। आम के फलों को गिरने से बचाने के लिए बागों की सिंचाई करें। आम में आंतरिक सड़न (कोयलिया रोग) से बचाव के लिए बोरेक्स (0.8%) का छिड़काव करें।
मवेशियों का बचाव: तेज हवाओं के कारण पेड़ या उनकी टहनियां गिरने की आशंका रहती है, इसलिए पशुओं को भूलकर भी पेड़ के नीचे न बांधें। दिन में पशुओं को हवादार व छायादार स्थान पर रखें और रात में खुले में बांधें।खान-पान व टीकाकरण: मवेशियों को दिन में 3 से 4 बार साफ व ताजा पानी पिलाएं और सुबह-शाम नहलाएं। पशुओं को खुरपका-मुँहपका (FMD) और लंगड़िया बुखार (BQ) से बचाव के टीके लगवाएं। पेट के कीड़ों की रोकथाम के लिए कृमिनाशक दवा दें।मुर्गी पालन: पोल्ट्री फार्म में गर्मी से बचाव के लिए पंखे, पर्दे और वेंटिलेशन दुरुस्त रखें। जूट के पर्दों पर पानी के छींटे मारें ताकि ठंडक बनी रहे। मुर्गियों को भोजन में विटामिन, कैल्शियम और पूरक आहार अवश्य दें।























